राष्ट्रीय बागवानी बनी आर्थिक समृद्धि का आधार
रायपुर (BCC NEWS 24): कभी पारंपरिक धान की खेती तक सीमित रहने वाले किसान दीपक आज अपने क्षेत्र में उद्यानिकी खेती की नई मिसाल बन चुके हैं। राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत मिली तकनीकी सहायता और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उन्होंने न केवल अपनी आय में कई गुना वृद्धि की है, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बने हैं। जिले के महासमुंद जिले के बसना विकासखंड अंतर्गत ग्राम बंसुलीडीह निवासी प्रगतिशील किसान दीपक ने वर्ष 2025-26 में उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत सब्जी क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम से जुड़कर करेला उत्पादन की शुरुआत की। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी एक हेक्टेयर सिंचित भूमि पर आधुनिक तकनीकों के साथ खेती की नई राह चुनी।
दीपक बताते हैं कि करेला उत्पादन में ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से उन्हें अपेक्षा से बेहतर परिणाम मिले। इन तकनीकों के कारण फसल की गुणवत्ता सुधरी, उत्पादन लागत नियंत्रित रही और उपज में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। पहले वे अपनी भूमि पर धान की खेती करते थे, जिससे सालाना लगभग 42 हजार रुपये का लाभ प्राप्त होता था। उन्होंने करेला की व्यावसायिक खेती अपनाई। उन्हें प्रति एकड़ लगभग 18 टन करेला उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में करेला का औसत मूल्य 30 रुपये प्रति किलोग्राम मिलने से उनकी आय में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई।
बेहतर उत्पादन और अनुकूल बाजार मूल्य के कारण उन्हें करीब 2.95 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। यह आय उनकी पूर्व की खेती से कई गुना अधिक है। दीपक का कहना है कि उद्यानिकी खेती ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। बढ़ी हुई आमदनी से परिवार का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।

(Bureau Chief, Korba)



