रायपुर : चूजों से बढ़ेगी ग्रामीण परिवारों की आमदनी

        मुख्यमंत्री साय की संवेदनशील पहल से ग्रामीण परिवारों को मिला स्वरोजगार का अवसर

        सुकमा में हितग्राहियों को निःशुल्क चूजे और दाना वितरित

        रायपुर (BCC NEWS 24): ग्रामीण परिवारों और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए पशुधन विकास विभाग द्वारा बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना’ चलाई जा रही है। इस योजना के तहत हितग्राहियों को कम कीमत या निःशुल्क उन्नत नस्ल के चूजे और मुर्गी दाना वितरित किया जाता है, जिससे ग्रामीण अपनी आय बढ़ा सकें। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल के अनुरूप राज्य सरकार ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में सुकमा जिले में पशुधन विकास विभाग द्वारा ग्रामीण परिवारों को कुक्कुट पालन से जोड़ने के लिए निःशुल्क चूजे और दाना वितरित किए गए।

        ’कुक्कुट इकाई के तहत 45-45 चूजे और 10 किलोग्राम दाना प्रदान किया गया निःशुल्क’

        कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन और पशुधन विकास विभाग के उपसंचालक डॉ. संदीप इंदुरकर के मार्गदर्शन में गादीरास क्षेत्र के ग्राम मनकापाल, नागलगुंडा, सोनाकूकानार, डोडपाल, कोर्रा और गादीरास में हितग्राहियों को कुक्कुट इकाई के तहत 45-45 चूजे और 10 किलोग्राम दाना निःशुल्क प्रदान किया गया। इस दौरान महिला समूहों की सदस्य भी मौजूद रहीं।

        ’स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम’

        निःशुल्क चूजे और दाना मिलने से ग्रामीण परिवारों को घर पर ही कुक्कुट पालन शुरू करने का अवसर मिला है। इससे उन्हें अतिरिक्त आय का साधन मिलेगा और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर कुक्कुट पालन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों को उनकी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप रोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। पशुधन विकास विभाग की यह पहल इसी सोच को धरातल पर साकार कर रही है।

        ’हितग्राहियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी’

        विभाग द्वारा हितग्राहियों को चूजों के पालन-पोषण, दाने, स्वास्थ्य और देखभाल से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी जा रही है, ताकि वे कुक्कुट पालन को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ा सकें और इसका स्थायी लाभ प्राप्त कर सकें। चूजा वितरण कार्य को सफल बनाने में पशु चिकित्सालय सुकमा के डॉ. टेकेश्वर, भुवाल नेताम सहित पशु चिकित्सालय गादीरास और मोबाइल वेटरनरी यूनिट की टीम का विशेष सहयोग रहा। यह पहल ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और गांवों में आजीविका के नए अवसर पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।



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