रायपुर : मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कर्मचारियों के लिये नवनिर्मित आवासगृहों का किया लोकार्पण

              • 56.71 करोड़ की लागत से बनाए गए हैं 80 आवासगृह 

              रायपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने आज बिलासपुर के बोदरी स्थित उच्च न्यायालय आवासीय परिसर सेक्टर-2 में कर्मचारियों के लिए नवनिर्मित 80 एच-टाइप आवासगृहों का लोकार्पण किया। उन्होंने कर्मचारियों को आबंटित आवासों की चाबियां भी सौंपी।  लोकार्पण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय श्री न्यायाधीश नरेन्द्र कुमार व्यास, माननीय श्री न्यायाधीश नरेश कुमार चन्द्रवंशी, माननीय श्री न्यायाधीश दीपक कुमार तिवारी, माननीय श्री न्यायाधीश संजय कुमार जायसवाल, माननीय श्री न्यायाधीश रविन्द्र कुमार अग्रवाल, माननीय श्री न्यायाधीश अरविन्द कुमार वर्मा, माननीय श्री न्यायाधीश विभू दत्त गुरू एवं माननीय श्री न्यायाधीश अमितेन्द्र किशोर प्रसाद भी उपस्थित थे। 

              लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक शक्ति उनके कर्मचारी होते हैं। जब कर्मचारी सुखी और संतुष्ट होते हैं तभी वे अपने पूरे मनोयोग से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर पाते हैं। सुविधाजनक आवास सबसे बुनियादी आवश्यकताओं में से एक है। यह आधुनिक और सुविधाजनक आवास उच्च न्यायालय में कार्यरत कर्मचारियों के लिए उत्कृष्ट आवासीय विकल्प प्रदान करेगा जिससे कर्मचारियों एवं उनके परिजनों की आवास की समस्या दूर होगी। उच्च न्यायालय के समीप आवास उपलब्ध हो जाने से कर्मचारियों की उपस्थिति में नियमितता होने के साथ-साथ कर्मचारियों की कार्य कुशलता एवं सुविधा में वृद्धि होने से न्यायिक कार्यवाहियों को गति प्राप्त होगी। 

              बोदरी स्थित उच्च न्यायालय आवासीय परिसर में 56 करोड़ 71 लाख रुपए से अधिक की लागत से 80 आवासगृहों का निर्माण किया गया है। यहां भू-तल पर पार्किंग की सुविधा के साथ-साथ प्रत्येक आवासगृह में दो बेडरूम, किचन, मल्टीपरपस रूम, यूटिलिटी एवं दो प्रसाधन कक्ष बनाए गए हैं। सभी भवनों में लिफ्ट की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे आवागमन में सुविधा होगी।

              उल्लेखनीय है कि माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा द्वारा पदभार ग्रहण करने के पश्चात सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ जिला मुख्यालयों एवं बाह्य न्यायालयों का भ्रमण कर न्यायिक अधोसंरचना एवं आवश्यक सुविधाओं का अभाव होने से पक्षकारों, अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारी एवं अधिकारियों को होने वाली असुविधा को दृष्टिगत रखते हुये दूरदर्शितापूर्ण एवं सकारात्मक सोच से भागीरथ प्रयास किये जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप पूरे राज्य में न्यायिक अधोसंरचना का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। इसी क्रम में आज बिलासपुर के छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय आवासीय परिसर, सेक्टर-2, बोदरी में एच-टाइप नवनिर्मित आवासगृहों का लोकार्पण किया गया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (एडमिनिस्ट्रेशन), रजिस्ट्री के अधिकारीगण, छत्तीसगढ़ न्यायिक एकेडमी एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारीगण और न्यायालयीन कर्मचारी भी मौजूद थे।


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