रायपुर : धमतरी को मिली 7.32 करोड़ रुपए की सौगात : 122 ग्राम पंचायतों में बनेंगे आधुनिक मुक्तिधाम शेड, अंतिम संस्कार में अब नहीं बाधक बनेगी धूप और बारिश

            वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मिली स्वीकृति

            चारों विकासखंडों के 122 गांवों में विकसित होंगी बेहतर नागरिक सुविधाएं, रोजगार के भी खुलेंगे नए द्वार

            रायपुर (BCC NEWS 24): आधुनिक मुक्तिधाम शेड अंतिम संस्कार स्थलों पर धूप और बारिश से बचाव के लिए बनाए जाने वाले पक्के और व्यवस्थित ढांचे हैं, जिन्हें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बेहतर सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है। सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा इन स्थलों पर शेड, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम संस्कार के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का स्थायी समाधान करते हुए धमतरी जिला प्रशासन ने एक संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण पहल की है। जिले की 122 ग्राम पंचायतों में लगभग 7 करोड़ 32 लाख रुपए की लागत से आधुनिक एवं टिकाऊ मुक्तिधाम शेड का निर्माण कराया जाएगा। कलेक्टर के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दे दी गई है।

            मौसम की मार से मिलेगी राहत, गरिमापूर्ण होगा अंतिम संस्कार

            ​अनेक ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से शेड और बुनियादी ढाँचे के अभाव के कारण, विशेष रूप से बारिश के दिनों और कड़ाके की धूप में, अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस जनहितकारी पहल से अब ग्रामीणों को प्रतिकूल मौसम में बड़ी राहत मिलेगी और अंतिम यात्रा को एक सम्मानजनक वातावरण प्राप्त होगा। ​जिला प्रशासन द्वारा जिले के चारों विकासखंडों में आवश्यकतानुसार शेड स्वीकृत किए गए हैं। जिसमें ​नगरी विकासखंड में 62 मगरलोड विकासखंड में 38 ​धमतरी विकासखंड में 17 और ​कुरूद विकासखंड में 05 मुक्तिधाम शेड बनाया जाएगा।

            टिकाऊ निर्माण, पारदर्शिता और स्थानीय रोजगार पर जोर

            जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जानकारी दी कि सभी जनपद एवं ग्राम पंचायतों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, उच्च गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के लिए नियमित तकनीकी निरीक्षण और सख्त निगरानी की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक और सामाजिक संवेदनाओं से जुड़े स्थलों को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है। इस परियोजना से न केवल ग्रामीण अधोसंरचना मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर श्रमिकों को रोजगार मिलेगा और स्थानीय सामग्री के उपयोग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

            संवेदनशील प्रशासन की अनूठी मिसाल

            यह परियोजना केवल ईंट-सीमेंट के ढांचे तक सीमित न रहकर ग्रामीणों की सामाजिक गरिमा, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं के प्रति संवेदनशील शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आधुनिक सुविधाओं से लैस होने के बाद ये परिसर अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और सुरक्षित बनेंगे।


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