रायपुर (BCC NEWS 24): राज्य शासन द्वारा संचालित सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम अब दूरस्थ वनांचलों तक स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता से लोगों की समस्याओं का समाधान करने के साथ ही उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और सम्मान भी लौटा रही है। इसी कड़ी में एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जिसने शासन की जनहितैषी कार्यशैली को साकार रूप में प्रस्तुत किया है। मुंगेली अंचल के सुदूर ग्राम जमुनाही निवासी श्री दिलीप लकड़ा, जो दिव्यांग होने के कारण लंबे समय से दूर आने जाने के लिए कठिनाइयों का सामना कर रहे थे, अब सुशासन तिहार के माध्यम से नई उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहे हैं। शारीरिक अक्षमता के कारण उन्हें दैनिक आवश्यकताओं के लिए परिवार पर निर्भर रहना पड़ता था और आवागमन के लिए बैसाखियों का सहारा लेना पड़ता था, जिससे उनका आत्मसम्मान भी प्रभावित हो रहा था।
सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित शिविर में श्री लकड़ा ने बैटरी चलित ट्राइसाइकिल प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। प्रशासन ने इस आवेदन को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्राथमिकता दी। जनपद पंचायत अधिकारियों एवं उप संचालक समाज कल्याण विभाग ने त्वरित पहल करते हुए ग्राम पंचायत के सहयोग से उनके आवश्यक दस्तावेज, आधार कार्ड एवं दिव्यांगता प्रमाण पत्र का संकलन किया और शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की। पात्रता परीक्षण के उपरांत श्री लकड़ा को तत्काल पेंशन स्वीकृत की गई। इस निर्णय से उनके परिवार में खुशी का माहौल बन गया और उनके जीवन में आत्मनिर्भरता की नई राह खुल गई। अब वे न केवल अपनी आवश्यकताओं को स्वयं पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का आत्मविश्वास भी प्राप्त कर रहे हैं।

(Bureau Chief, Korba)




