रायपुर : युक्तियुक्तकरण से सुदृढ़ हुई शिक्षा व्यवस्था : एकल शिक्षक स्कूलों को मिले अतिरिक्त शिक्षक

              • शिक्षकों को मिला पसंदीदा विद्यालय चुनने का अवसर, शिक्षा गुणवत्ता में आएगा सुधार

              रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रारंभ की गई शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। इस प्रक्रिया के तहत एकल शिक्षक वाले विद्यालयों को अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे न केवल शिक्षकों की उपलब्धता संतुलित हुई है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में भी एक मजबूत आधार तैयार हुआ है।

              पारदर्शिता और प्राथमिकता को मिला महत्व

              इस प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न किया गया। शिक्षकों को उनके पसंद के विद्यालय चुनने का अवसर मिला, जिससे उन्हें भी आत्मसंतुष्टि प्राप्त हुई और स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ। सरगुजा जिले की सहायक शिक्षक श्रीमती अनिता दास ने बताया कि यह पहली बार हुआ है जब अतिशेष शिक्षकों को अपनी पसंद के स्कूल का चयन करने का अवसर मिला। मुझे शासकीय प्राथमिक शाला धौरापारा (देवटिकरा) का चुनाव करने का अवसर मिला। प्रक्रिया के दौरान स्क्रीन पर एकल शिक्षक विद्यालयों की सूची दिखाई गई, जिससे हमने अपनी प्राथमिकता के अनुसार स्कूल का चुनाव किया। उन्होंने इस पहल को ऐतिहासिक और सकारात्मक बताते हुए कहा कि इससे एकल शिक्षक स्कूलों में भी अब विषयवार शिक्षण संभव हो सकेगा और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।

              दूरस्थ क्षेत्रों को मिला लाभ

              इस पहल से विशेष रूप से दूरस्थ और शैक्षिक रूप से वंचित क्षेत्रों के स्कूलों को लाभ मिला है, जहां अब छात्र-छात्राओं को विभिन्न विषयों में विशेषज्ञ शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त होगा। इससे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी से लेकर बुनियादी शिक्षा स्तर तक सुधार संभव होगा।

              गुणवत्ता और सुदृढ़ीकरण की दिशा में अहम कदम

              शिक्षक युक्तियुक्तकरण की यह पहल न केवल शिक्षकों की दक्षता का समुचित उपयोग सुनिश्चित करती है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को संतुलित, समावेशी और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी प्रयास भी है। इस निर्णय से न केवल विद्यार्थी लाभान्वित होंगे, बल्कि शिक्षक वर्ग में भी कार्य के प्रति उत्साह और समर्पण की भावना सशक्त होगी। इस ऐतिहासिक कदम के लिए शिक्षक वर्ग ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश के शैक्षिक विकास की दिशा में एक मील का पत्थर बताया है।


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