रायपुर : ईवी गार्बेज रिक्शा और लोडर वाहन से बदल रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिलाओं को मिल रहा आत्मनिर्भरता का नया आधार

          स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन का बना प्रभावी माध्यम

          रायपुर (BCC NEWS 24): छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण को नई गति देने के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों में उपलब्ध कराए गए ईवी गार्बेज रिक्शा और ईवी लोडर वाहन बहुआयामी बदलाव के वाहक बन रहे हैं। इन वाहनों के माध्यम से जहां गांवों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था मजबूत हुई है, वहीं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को नियमित रोजगार और आय का नया अवसर भी प्राप्त हो रहा है। ईंधन रहित संचालन के कारण ये वाहन पर्यावरण संरक्षण और संचालन लागत में कमी की दृष्टि से भी प्रभावी साबित हो रहे हैं। बालोद जिले के जनपद पंचायत डौंडीलोहारा इसका एक उदाहरण बनकर उभरा है।

          स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन का बना प्रभावी माध्यम

          स्व-सहायता समूह की महिलाएं घर-घर पहुंच कर रहीं कचरे का पृथक संग्रहण

          बालोद जिले के जनपद पंचायत डौंडीलोहारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पंकज देव ने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत को लगभग 7.60 लाख रुपये की लागत से एक ईवी गार्बेज रिक्शा और एक ईवी लोडर वाहन उपलब्ध कराया गया है। ईवी गार्बेज रिक्शा के माध्यम से स्व-सहायता समूह की महिलाएं घर-घर पहुंचकर गीले एवं सूखे कचरे का पृथक संग्रहण कर रही हैं, जिससे गांवों में स्वच्छता व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और प्रभावी हुई है।

          ईवी लोडर वाहन ग्राम पंचायतों के लिए साबित हो रहा बहुउपयोगी

          उन्होंने बताया कि ईवी लोडर वाहन ग्राम पंचायतों के लिए बहुउपयोगी साबित हो रहे हैं। इनका उपयोग भवन निर्माण सामग्री, कृषि उपज, घरेलू एवं किराना सामग्री सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं के परिवहन में किया जा रहा है। कई महिला स्व-सहायता समूह इन वाहनों का उपयोग कर अतिरिक्त आय अर्जित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। श्री पंकज देव ने बताया कि इन सभी वाहनों की खरीदी शासन के वित्तीय नियमों के अनुरूप जेम पोर्टल के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया अपनाते हुए न्यूनतम (एल-1) दर पर की गई है। इससे सार्वजनिक धन का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होने के साथ खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बनी रही।

          बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण भी

          उन्होंने कहा कि ईवी वाहनों के संचालन में पेट्रोल अथवा डीजल की आवश्यकता नहीं होती। केवल चार्जिंग से संचालित होने के कारण ईंधन व्यय में उल्लेखनीय बचत हो रही है, साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी आने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।



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