Wednesday, February 11, 2026

            रायपुर : विधायकों के नलकूप खनन और हैंडपंप स्थापना के 500 प्रस्तावों पर त्वरित कार्यवाही शुरू

            • उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव लगातार भ्रमण कर एवं जनसंपर्क के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता की खुद कर रहे निगरानी
            • नलकूप खनन और हैंडपंप स्थापना के विधायकों के प्रस्तावों पर त्वरित कार्यवाही के लिए प्रमुख अभियंता को दिए हैं निर्देश
            • विभागीय अधिकारियों को भू-जल स्तर गिरने से प्रभावित विकासखंडों के सभी स्रोतों पर सतत निगरानी रखने और वैकल्पिक व्यवस्था के भी निर्देश

            रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने भीषण गर्मी को देखते हुए विधायकों से प्राप्त नलकूप खनन और हैंडपंप स्थापना के प्रस्तावों पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता को खासतौर पर निर्देशित किया है। उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री श्री साव के निर्देश के बाद पीएचई ने विधायकों से प्राप्त प्रस्तावों पर प्राथमिकता तय करते हुए प्रदेशभर में 500 नलकूपों के खनन और हैंडपंप स्थापना के लिए त्वरित कार्यवाही भी शुरू कर दी है। 

            उप मुख्यमंत्री श्री साव ने भू-जल स्तर गिरने से प्रभावित विकासखंडों के सभी स्रोतों पर सतत निगरानी रखने और वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी के लिए भी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-0008 पर प्राप्त पेयजल समस्या से संबंधित शिकायतों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है। 

            ग्रीष्म काल में ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव द्वारा इसकी सक्रिय और सतत निगरानी की जा रही है। वे ग्रामीण इलाकों का लगातार भ्रमण कर एवं जनसंपर्क के माध्यम से पेयजल की उपलब्धता की वर्तमान स्थिति की खुद निगरानी कर रहे हैं। अभी भीषण गर्मी से कई गांवों में जलस्तर गिरने के कारण जल संकट की स्थिति बन रही है। ऐसे गांवों में स्थापित पेयजल व्यवस्था में कठिनाई परिलक्षित हो रही है। इसे देखते हुए उन्होंने भू-जल स्तर गिरने से प्रभावित विकासखंडों के सभी स्रोतों की सतत निगरानी रखने और पेयजल आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं।


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