रायपुर (BCC NEWS 24): जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम धाराशिव की निवासी श्रीमती कोमल बाई चौहान की जिंदगी में अब एक नया सवेरा आया है। कभी कच्चे और जर्जर घर में रहने को मजबूर कोमलबाई आज पक्के मकान में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। उनकी यह यात्रा संघर्ष, उम्मीद और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई है।
कोमलबाई बताती हैं कि पहले उनका जीवन बेहद कठिन था। मिट्टी और छप्पर से बने छोटे से घर में बरसात के दौरान छत टपकती थी, गर्मी में घर तपता था और ठंड में असुरक्षा बनी रहती थी। सीमित आय के चलते पक्का घर बनाना उनके लिए सिर्फ एक सपना था।
इस बीच शासन की योजनाओं ने उनके जीवन में बदलाव की नई राह दिखाई। महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली एक हजार रूपए की सहायता राशि ने उन्हें आर्थिक संबल दिया। इससे वे अपने परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतें, विशेषकर पोते-पोतियों की पढ़ाई और दैनिक खर्च, आसानी से पूरा कर पा रही हैं। अब उन्हें किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती और उनके चेहरे पर आत्मविश्वास साफ झलकता है।
इसी के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें पक्का घर मिला। जहां कभी कच्चा मकान था, वहां अब मजबूत दीवारों और पक्की छत वाला सुरक्षित घर खड़ा है। यह घर उनके लिए सिर्फ आशियाना नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। अब कोमलबाई का परिवार हर मौसम में सुरक्षित और सुकून भरा जीवन जी रहा है। बरसात में पानी टपकने की चिंता खत्म हो गई है, गर्मी में राहत मिलती है और ठंड में सुरक्षित माहौल मिलता है। कोमलबाई शासन की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि शासकीय योजनाओं ने न केवल उनका घर बनाया, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ जीने का नया अवसर भी दिया है।

(Bureau Chief, Korba)




