कृषि विभाग के मार्गदर्शन में अपनाई वैज्ञानिक खेती, लागत में कमी और फसल की गुणवत्ता में हुआ सुधार
रायपुर (BCC NEWS 24): छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक खेती से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अब खेतों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम कचंदा निवासी प्रगतिशील किसान श्री परमेश्वर सिंह चौहान इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने नैनो यूरिया का उपयोग कर खेती को अधिक सुविधाजनक, किफायती और लाभकारी बनाया है।
लगभग ढाई एकड़ कृषि भूमि में खेती करने वाले श्री चौहान पिछले एक वर्ष से नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन और तकनीकी सलाह के बाद उन्होंने नैनो यूरिया का प्रयोग शुरू किया, जिसके परिणाम अत्यंत संतोषजनक रहे हैं।
श्री चौहान के अनुसार, नैनो यूरिया की छोटी बोतल को खेत तक आसानी से ले जाया जा सकता है और इसका छिड़काव भी बेहद सरल है। समय पर पौधों को आवश्यक पोषक तत्व मिलने से फसल की बढ़वार बेहतर हुई है तथा उत्पादन की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। साथ ही, उर्वरकों पर होने वाला खर्च कम होने से खेती की लागत घटाने में भी सहायता मिली है।
उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरक आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी खेती की दिशा में एक प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रहे हैं। श्री चौहान ने अन्य किसानों से भी कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में नैनो उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर खेती को और अधिक लाभकारी बनाया जा सके किसान श्री परमेश्वर सिंह चौहान ने किसानों के हित में संचालित शासन की योजनाओं एवं कृषि विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए इसके लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

(Bureau Chief, Korba)




