रायपुर : सुकमा के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बड़ी राहतरू 42 हजार से अधिक परिवारों के खातों में पहुंचे 40.72 करोड़ रूपए DBT से हुआ पारदर्शी भुगतान

          रायपुर (BCC NEWS 24): छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए रिकॉर्ड समय में तेंदूपत्ता संग्रहण का भुगतान पूरा कर लिया है। अब तक जिले के 42 हजार 178 संग्राहकों के बैंक खातों में कुल 40.72 करोड़ रुपये की राशि सीधे (Direct Benefit Transfer – DBT) ट्रांसफर की जा चुकी है।

          कुल बजट का 88 प्रतिशत से अधिक भुगतान पूरा

          वन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में सुकमा जिले के कुल 46 हजार 620 तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए कुल 46.04 करोड़ रुपये के भुगतान का प्रावधान किया गया है। विभागीय तत्परता के चलते इसमें से 88.45 प्रतिशत राशि का भुगतान 11 जुलाई तक सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। जिला प्रशासन और वन विभाग का लक्ष्य है कि शेष बचे पात्र संग्राहकों के खातों में भी जुलाई माह के अंत तक शत-प्रतिशत राशि जमा करा दी जाए।

          83 हजार से अधिक मानक बोरा संग्रहण

          सुकमा के जिला वन मंडलाधिकारी (DFO) श्री अक्षय भोंसले ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष जिले में कुल 83 हजार 710 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी भुगतान प्रक्रिया को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से अंजाम दिया गया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और पूरी पारदर्शिता के साथ राशि सीधे ग्रामीणों के खातों में पहुंची है।

          ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला संबल

          तेंदूपत्ता से होने वाली यह आय सुकमा के वनाश्रित और ग्रामीण परिवारों की आजीविका का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। मानसून के इस सीजन में समय पर पैसा मिलने से स्थानीय ग्रामीणों को बेहद मदद मिल रही है। ग्रामीण परिवार खरीफ की फसल के लिए समय पर उन्नत बीज, उर्वरक (खाद) और आवश्यक कृषि उपकरण खरीद पा रहे हैं। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के कारण इस राशि से बच्चों की स्कूल फीस, किताबें, कॉपियां और यूनिफॉर्म (गणवेश) जैसी जरूरी आवश्यकताएं आसानी से पूरी हो रही हैं। करोड़ों रुपये की राशि सीधे ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचने से सुकमा के स्थानीय बाजारों और छोटे कारोबारियों के व्यापार को भी जबरदस्त बढ़ावा मिला है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बचे हुए हितग्राहियों के दस्तावेजों का सत्यापन कर भुगतान प्रक्रिया को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। समयबद्ध और पारदर्शी व्यवस्था से शासन के प्रति वनांचल के ग्रामीणों का विश्वास और मजबूत हुआ है।



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