रायपुर : रानीसागर बोटिंग परियोजना की सामग्री छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की सुरक्षा और संरक्षण में

              रायपुर (BCC NEWS 24): राजनांदगांव जिले में पर्यटन संवर्धन हेतु वर्ष 2012-13 में मोहारा (शिवनाथ नदी) के लिए नौकाविहार योजना स्वीकृत की गई थी, जिसे बाद में तकनीकी कारणों से रानीसागर तालाब में स्थानांतरित किया गया। इस परियोजना के लिए लगभग 72.34 लाख रुपए की लागत से फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, मोटर बोट और अन्य आवश्यक सामग्री क्रय की गई थी। रानीसागर बोटिंग परियोजना का लोकार्पण वर्ष 2015 में किया गया था और निविदा प्रक्रिया के माध्यम से एक निजी एजेंसी द्वारा जनवरी 2015 से अगले तीन वर्षों तक इसका सफल संचालन भी किया गया। इस अवधि का पूरा प्रशासनिक और आय संबंधी रिकॉर्ड विभाग के पास सुरक्षित है।

              छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2017 के बाद आर्थिक व्यवहार्यता की कमी और आमजन की रुचि घटने के कारण बोटिंग का संचालन प्रभावित हुआ। रखरखाव और सुरक्षा की दृष्टि से वर्ष 2019 में समस्त सामग्री को विधिवत प्रक्रिया के तहत विभागीय संरक्षण में ले लिया गया था। प्रशासनिक निर्णयों के अनुसार, सामग्री को खराब होने से बचाने के लिए पर्यटन विभाग की अन्य सक्रिय इकाइयों में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया गया एवं कुछ अनुपयोगी या क्षतिग्रस्त बोटों के स्पेयर पार्ट्स को भी भविष्य के उपयोग के लिए सुरक्षित रखा गया है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल यह स्पष्ट करता है कि विभाग की कोई भी सामग्री गायब नहीं हुई है। विभाग राज्य में पर्यटन अधोसंरचना के विकास और संसाधनों के पारदर्शी उपयोग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


                              Hot this week

                              रायपुर : तिपहिया स्कूटी से बढ़ेगी दिव्यांगजनों की आत्मनिर्भरता – अरुण साव

                              उप मुख्यमंत्री ने 11 दिव्यांगजनों को तिपहिया स्कूटी, सर्प...

                              Related Articles

                              Popular Categories