रायपुर : मनरेगा से बदली तुलसाबाई की जिंदगी, पशुपालन को मिला सुरक्षित आधार

        मवेशी शेड निर्माण से पशुओं की बेहतर देखभाल, बढ़ी आय और खेती को मिला जैविक खाद का लाभ

        रायपुर (BCC NEWS 24): महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत नवागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत धुरकोट की निवासी श्रीमती तुलसाबाई के जीवन में भी मनरेगा के माध्यम से सकारात्मक बदलाव आया है। श्रीमती तुलसाबाई पति रामशंकर के लिए मनरेगा अंतर्गत मवेशी शेड का निर्माण कराया गया। इस कार्य के लिए 72 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। शेड निर्माण से उनके पशुपालन कार्य को सुरक्षित और व्यवस्थित आधार मिला है। पहले तुलसाबाई अपने मवेशियों को खुले स्थान पर रखती थीं, जिससे धूप, बारिश और अन्य मौसमीय प्रभावों के कारण पशुओं को परेशानी होती थी। बीमारियों का खतरा बना रहता था और देखभाल में भी कठिनाई होती थी। अब पक्का मवेशी शेड बनने से पशुओं को सुरक्षित स्थान मिला है और उनकी देखभाल पहले की तुलना में अधिक सुगमता से हो रही है।

        तुलसाबाई ने बताया कि शेड निर्माण के बाद पशुपालन कार्य आसान हो गया है। पशुओं से प्राप्त गोबर का उपयोग जैविक खाद बनाने में किया जा रहा है, जिससे खेती की लागत कम हुई है और फसलों की गुणवत्ता में सुधार आया है। पशुपालन से होने वाली आय में भी वृद्धि हुई है। इस निर्माण कार्य के दौरान गांव के स्थानीय श्रमिकों को रोजगार भी प्राप्त हुआ। तुलसाबाई की सफलता से प्रेरित होकर अब अन्य ग्रामीण भी मनरेगा के माध्यम से पशुपालन और आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों के लिए आगे आ रहे हैं। मनरेगा के तहत किए जा रहे ऐसे कार्य न केवल ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे हैं, बल्कि गांवों के समग्र विकास को भी नई दिशा दे रहे हैं।



                Hot this week

                रायपुर : आर्थिक संबल की नई किरण

                ’महतारी वंदन योजना’ ने बदला बेनूर की रामदई कुलदीप...

                रायपुर : तमनार में अध्यक्ष पद अनारक्षित महिला, बड़ी करेली में रहेगा मुक्त

                नवगठित दोनों नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों का आरक्षण...

                Related Articles

                Popular Categories