रायपुर : पोषण माह 2026: छत्तीसगढ़ में पोषण जागरूकता अभियान को मिल रही गति, आंगनबाड़ी केंद्र बने जनभागीदारी के केंद्र

            संतुलित आहार, एनीमिया से बचाव और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को लेकर प्रदेशभर में जागरूकता गतिविधियां

            रायपुर (BCC NEWS 24): छत्तीसगढ़ में पोषण माह 2026 के तहत बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं तथा किशोरी बालिकाओं के पोषण एवं स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता एवं जनभागीदारी आधारित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य एवं बाल विकास से जुड़ी गतिविधियों के सक्रिय केंद्र के रूप में विकसित करते हुए संतुलित आहार, एनीमिया से बचाव, स्वच्छता, वृद्धि निगरानी एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति समुदाय को जागरूक किया जा रहा है।

             पोषण माह 2026: छत्तीसगढ़ में पोषण जागरूकता अभियान को मिल रही गति, आंगनबाड़ी केंद्र बने जनभागीदारी के केंद्र
             पोषण माह 2026: छत्तीसगढ़ में पोषण जागरूकता अभियान को मिल रही गति, आंगनबाड़ी केंद्र बने जनभागीदारी के केंद्र

            इसी क्रम में बलरामपुर जिले के आकांक्षी विकासखंड शंकरगढ़ में पोषण माह के अंतर्गत विशेष गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में सुधार लाते हुए निर्धारित लक्ष्यों की संतृप्ति सुनिश्चित करना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं विभागीय अमले द्वारा समुदाय की सक्रिय सहभागिता के साथ पोषण संबंधी जानकारी घर-घर और समुदाय तक पहुंचाई जा रही है।

            इसी कड़ी में परियोजना शंकरगढ़ के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र बचवार में पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं तथा समुदाय के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इस दौरान संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व, एनीमिया से बचाव, स्वच्छता, बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी और स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में जानकारी दी गई। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री से पौष्टिक व्यंजन तैयार करने तथा उन्हें दैनिक आहार में शामिल करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

            कुपोषण की पहचान और उपचार पर विशेष जोर

            पोषण माह के दौरान कुपोषण की रोकथाम और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। बचवार आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की स्वास्थ्य एवं पोषण स्थिति का आकलन करते हुए गंभीर तीव्र कुपोषित (एसएएम) एवं मध्यम तीव्र कुपोषित (एमएएम) बच्चों का चिन्हांकन किया गया। अभिभावकों को कुपोषित बच्चों के समुचित पोषण एवं देखभाल के उपायों की जानकारी दी गई। गंभीर कुपोषित बच्चों को आवश्यक उपचार एवं पोषण प्रबंधन के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजने के महत्व के बारे में भी समझाया गया।

            कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बच्चों का टीकाकरण किया गया तथा माताओं के रक्तचाप एवं शुगर की जांच की गई। इससे आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण के साथ-साथ मातृ एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं को भी समुदाय तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।

            पात्र हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी

            पोषण माह के तहत पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संबंध में जानकारी देते हुए पंजीयन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र माता योजना के लाभ से वंचित न रहे। साथ ही बच्चों एवं माताओं के पोषण, स्वास्थ्य तथा देखभाल से संबंधित शासकीय सेवाओं और योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है।

            आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं विभागीय अमले द्वारा समुदाय की सक्रिय सहभागिता के साथ संचालित इन गतिविधियों का उद्देश्य कुपोषण की रोकथाम, बच्चों के पोषण स्तर में सुधार तथा मातृ एवं बाल स्वास्थ्य को मजबूत बनाना है। पोषण माह के माध्यम से जिले में स्वस्थ बचपन और सुरक्षित मातृत्व के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देते हुए पोषण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।


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