रायपुर : एक कॉल से पूरी हुई उम्मीद : समय पर मिली पीएम आवास की तीसरी किस्त

              मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 बनी मदद का सहारा

              रायपुर (BCC NEWS 24): सुकमा जिले के जनपद पंचायत कोंटा की ग्राम पंचायत ढोंढरा के निवासी श्री सोड़ी नंदा का पक्का घर बनाने का सपना प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से पूरा हुआ। उन्होंने 22 मार्च 2026 को अपना आवास निर्माण पूरा कर लिया था, लेकिन तीसरी किस्त की राशि मिलने में देरी होने से वे चिंतित थे श्री सोड़ी नंदा ने 24 जून 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर कॉल कर अपनी समस्या बताई और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की तीसरी किस्त जारी करने का अनुरोध किया। शिकायत मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने मामले की तुरंत जांच की। जांच में पता चला कि राज्य शासन से राशि प्राप्त होने के बाद 6 जून 2026 को तीसरी किस्त के लिए एफटीओ (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) तैयार कर दिया गया था। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद 25 जून 2026 को 25,000 रुपये की तीसरी किस्त सीधे उनके बैंक खाते में जमा कर दी गई।

              राशि मिलने के बाद श्री सोड़ी नंदा ने खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद उनकी समस्या का त्वरित समाधान हुआ और उन्हें समय पर योजना का लाभ मिला। उन्होंने बताया कि अब उनका विश्वास शासन की योजनाओं और व्यवस्था पर और भी मजबूत हो गया है। यह कहानी बताती है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं है, बल्कि आम लोगों और शासन के बीच भरोसे का मजबूत सेतु बन रही है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन से पात्र परिवारों को समयबद्ध वित्तीय सहायता मिल रही है और उनके पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।


                              Hot this week

                              रायपुर : 13 कार्यों के लिए 3 करोड़ स्वीकृत

                              उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद स्वीकृति...

                              रायपुर : मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान का बड़ा असर

                              प्रदेश में बिजली बचत की नई मिसाल: जुलाई में...

                              रायपुर : प्राकृतिक बीजों से सजी राखियां बनीं आत्मनिर्भरता की नई पहचान

                              रोहराकला की स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने शुरू किया...

                              Related Articles

                              Popular Categories