कच्चे और जर्जर मकान से सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास तक पहुंचा परिवार
खेती-बाड़ी और सब्जी बिक्री से आजीविका चलाने वाले परिवार के लिए पक्का घर बना खुशियों और सुरक्षा का आधार
रायपुर (BCC NEWS 24): प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ग्रामीण भारत में जरूरतमंद परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव ला रही है। योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराकर उन्हें बेहतर जीवन की नई राह दी जा रही है। रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड के ग्राम पंचायत देवगढ़ निवासी दासरथी गुप्ता का परिवार भी इसी बदलाव की एक प्रेरक मिसाल है।
दासरथी गुप्ता का परिवार लंबे समय तक कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर था। परिवार की आजीविका खेती-बाड़ी और सब्जी बिक्री से चलती थी। सीमित आमदनी में परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना और बच्चों की जिम्मेदारियां निभाना ही चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में पक्का मकान बनाना परिवार के लिए एक सपना ही था।
कच्चे मकान में रहने के दौरान हर वर्ष बारिश और तेज आंधी के मौसम में परिवार को घर की सुरक्षा की चिंता सताती थी। मौसम की मार से मकान को नुकसान पहुंचता और बार-बार मरम्मत पर होने वाला खर्च परिवार की सीमित आय पर अतिरिक्त बोझ डालता था। सुरक्षित आवास का अभाव परिवार के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बना हुआ था।
वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत दासरथी गुप्ता के नाम आवास स्वीकृत हुआ। शासन से प्राप्त आर्थिक सहायता से उन्होंने अपने सपनों का पक्का घर तैयार किया। आज उनका परिवार सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में जीवन यापन कर रहा है।
पक्का आवास मिलने के बाद परिवार के जीवन में स्थिरता आई है। अब बारिश और आंधी के दौरान घर की सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं रहती। परिवार के लिए यह मकान सिर्फ ईंट और सीमेंट से बना घर नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य, सम्मान और आत्मविश्वास का आधार बन गया है।
दासरथी गुप्ता बताते हैं कि पहले कच्चे मकान में रहते हुए हर मौसम में घर की चिंता बनी रहती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना से मिले पक्के घर ने इस चिंता को दूर कर दिया है। उन्होंने योजना के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पक्का आवास उनके परिवार के लिए नई खुशियां लेकर आया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवारों को पक्के आवास का सहारा मिल रहा है, जो आर्थिक परिस्थितियों के कारण अपने स्तर पर घर का निर्माण नहीं कर पाते थे। दासरथी गुप्ता की कहानी यह दर्शाती है कि एक सुरक्षित आवास परिवार के जीवन में केवल भौतिक सुविधा ही नहीं, बल्कि सम्मान, स्थिरता और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी लेकर आता है।

(Bureau Chief, Korba)




