ग्रामीणों को आय और सतत आजीविका का नया अवसर
रायपुर (BCC NEWS 24): जिला प्रशासन दंतेवाड़ा के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के अंतर्गत ग्रामीणों की आजीविका सुदृढ़ करने की दिशा में मधुमक्खी पालन एवं शहद उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना का उद्देश्य किसानों को कम लागत, पर्यावरण-अनुकूल एवं स्थायी आजीविका गतिविधि से जोड़ते हुए उनकी आय में वृद्धि करना है।

योजना के तहत चयनित किसानों को 6-6 मधुमक्खी बक्से मधुमक्खियों सहित, आवश्यक उपकरण तथा तीन दिवसीय वैज्ञानिक प्रशिक्षण निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है। तकनीकी सहयोग हंबल बी संस्था द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है। परियोजना की अधिकांश राशि जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से वहन की जा रही है, जबकि हितग्राहियों से स्वामित्व की भावना विकसित करने हेतु नाममात्र का अंशदान लिया जा रहा है।
परियोजना का प्रारंभिक क्रियान्वयन गीदम विकासखंड में किया जा रहा है। प्रथम चरण में बिंजाम, सियानार, समलूर, झोड़ियाबाड़म, बड़े कारली, कारली, घोटपाल, कासौली एवं कुतुलनार ग्रामों के कुल 100 किसानों को वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन व्यवसाय से जोड़ा जाएगा। इससे प्रत्येक हितग्राही को शहद उत्पादन से प्रतिवर्ष लगभग 25 से 30 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। उत्पादित शहद का संग्रहण एवं विपणन सहयोगी संस्था के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे किसानों को बाजार संबंधी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मधुमक्खी पालन से शहद, मोम, पराग एवं रॉयल जेली जैसे उत्पाद प्राप्त होते हैं। साथ ही परागण के माध्यम से फसलों की उपज में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। यह पहल महिला स्व-सहायता समूहों, पशु सखियों एवं लघु कृषकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। इससे जैव विविधता संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

(Bureau Chief, Korba)





