Monday, February 16, 2026

              रायपुर : छात्रों को रोजगारोन्मुख शिक्षा दें : आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन

              • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर रायगढ़ में आयोजित हुई कार्यशाला 

              रायपुर: रायगढ़ जिले के शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय में आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 क्रियान्वयन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आयुक्त, उच्च शिक्षा डॉ. संतोष देवांगन थे। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. ललित प्रकाश पटैरिया, कुलसचिव डॉ. इन्दु अनंत, संभागीय अपर संचालक उच्च शिक्षा बिलासपुर डॉ. प्रवीण कुमार पांडेय, संयुक्त संचालक डॉ. जी.ए. घनश्याम सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, संकायाध्यक्ष, नोडल अधिकारी और विश्वविद्यालय के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

              अपने संबोधन में आयुक्त डॉ. देवांगन ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रिसर्च को स्थानीय संसाधनों से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ की परंपरा, संस्कृति, पर्यावरण और ऐतिहासिक धरोहरों पर आधारित शोध कार्य किए जाएं, जिससे समाज को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। आयुक्त ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं है, बल्कि छात्रों को ऐसा कौशल देना है जिससे वे रोजगार प्राप्त कर सकें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित कर छात्रों को प्रशिक्षण और अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से राज्य में शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा रहा है।

              कार्यक्रम के दौरान आयुक्त डॉ. देवांगन ने प्रदेश के महाविद्यालयों को सभी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि जो महाविद्यालय प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करेंगे उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान कर सम्मानित भी किया जाएगा। संयुक्त संचालक डॉ. घनश्याम ने अंतः विषय अध्ययन और लचीले पाठ्यक्रम की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि महाविद्यालयों को नवीन विषयों की पेशकश करनी चाहिए ताकि विद्यार्थी नए अवसरों तक पहुंच सकें। ओ.एस.डी डॉ. श्रीवास्तव ने सकल नामांकन अनुपात बढ़ाने और विद्यार्थियों को उनकी रुचियों के अनुसार विषय चयन में मार्गदर्शन देने की आवश्यकता जताई। कार्यशाला के प्रश्नोत्तर सत्र में नोडल अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना गया और उनका समाधान भी सुझाया गया। कुलसचिव डॉ. इन्दु अनंत ने विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों, संकायाध्यक्षों और नोडल अधिकारियों से आगामी सत्रों में भी पूर्ववत सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया। 


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