रायपुर : किसान हितैषी योजनाओं से आत्मनिर्भर बने संजय साहू, नवाचार से बदल दी खेती की तस्वीर

          ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से सालाना 4 लाख से अधिक आय, बने प्रगतिशील किसान की मिसाल

          रायपुर (BCC NEWS 24): राज्य शासन की किसान हितैषी योजनाएं अब ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के जीवन में ठोस बदलाव ला रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम बिलारी के किसान श्री संजय कुमार साहू इसकी एक प्रेरक मिसाल बनकर उभरे हैं, जिन्होंने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नवाचार अपनाते हुए आत्मनिर्भरता की नई पहचान बनाई है। पहले संजय साहू अन्य किसानों की तरह केवल धान की पारंपरिक खेती पर निर्भर थे, जिससे आय सीमित थी। बेहतर आय और नई संभावनाओं की तलाश में उन्होंने एक एकड़ भूमि पर ग्राफ्टेड बैंगन की खेती शुरू की। प्रारंभिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने लगातार सीखने और मेहनत करने का संकल्प बनाए रखा। पिछले चार वर्षों से वे सफलतापूर्वक इस खेती को कर रहे हैं और हर वर्ष बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।

          ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से सालाना 4 लाख से अधिक आय, बने प्रगतिशील किसान की मिसाल

          संजय साहू रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर जैविक उपायों का उपयोग करते हैं, जिससे उनकी फसल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण रहती है। इस कार्य में उनकी पत्नी भी सक्रिय सहयोग देती हैं, जिससे यह खेती उनके परिवार के लिए एक सशक्त आजीविका का माध्यम बन गई है।

          ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहां पहले धान की खेती से सीमित आमदनी होती थी, वहीं अब वे सालाना 4 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रहे हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और बच्चों की शिक्षा तथा भविष्य की योजनाएं अधिक सुरक्षित हो सकी हैं।

          उन्होंने खेती में आधुनिक तकनीकों को भी अपनाया है। ड्रिप इरिगेशन और प्लास्टिक मल्चिंग के उपयोग से पानी की बचत के साथ उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार हुआ है। उद्यानिकी विभाग से उन्हें ग्राफ्टेड पौधे, मल्चिंग सामग्री, स्प्रिंकलर पाइप तथा पैक हाउस के लिए अनुदान प्राप्त हुआ, जिससे लागत में कमी आई। इसके अलावा, सौर सुजला योजना के तहत मिले सोलर पंप ने सिंचाई की समस्या को लगभग समाप्त कर दिया है।

          आज संजय साहू की फसल स्थानीय बाजार में बेहतर कीमत पर बिक रही है और वे एक प्रगतिशील किसान के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुके हैं। उनकी सफलता कहानी उन किसानों के लिए प्रेरणा है, जो पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीकों और नवाचार को अपनाना चाहते हैं।



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