हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि बेटी के बैंक खाते में कर रहीं जमा
छोटी-छोटी बचत से आत्मनिर्भरता की ओर कदम, बोलींकृअब भविष्य की जरूरतों के लिए मिल रहा सहारा
रायपुर (BCC NEWS 24): मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के हाथों में नियमित आर्थिक सहायता देकर उन्हें अपनी और परिवार की जरूरतों के लिए आर्थिक रूप से सक्षम बना रही है। योजना से मिलने वाली राशि कोई अपनी रोजमर्रा की आवश्यकताओं में उपयोग कर रही है, तो कोई बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के लिए इसे सहेज रही है। जशपुर की श्रीमती निर्मला बाई ने इस सहायता को अपनी बेटी के बेहतर भविष्य की छोटी लेकिन मजबूत बचत में बदल दिया है। महतारी वंदन योजना के तहत निर्मला बाई को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। इस राशि को वे अपनी बेटी के बैंक खाते में जमा कराती हैं और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए भी बचत करती हैं। नियमित रूप से मिलने वाली यह राशि उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपनी बेटी के भविष्य को लेकर एक भरोसा भी बन गई है।
हर महीने बेटी के नाम बचत, भविष्य की जरूरतों की तैयारी
निर्मला बाई बताती हैं कि पहले सीमित आय के बीच भविष्य के लिए नियमित रूप से पैसे बचाना आसान नहीं था। महतारी वंदन योजना से हर महीने निश्चित राशि मिलने के बाद उन्होंने इसे खर्च करने के बजाय बेटी के भविष्य के लिए सहेजने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि आज की छोटी-छोटी बचत आने वाले समय में बेटी की जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित होगी। योजना से मिली राशि पर स्वयं निर्णय लेकर उसका उपयोग करने से निर्मला बाई में आर्थिक सुरक्षा का भाव भी बढ़ा है। वे आवश्यकता के अनुसार कुछ राशि भविष्य के लिए अलग रखती हैं और शेष राशि बेटी के बैंक खाते में जमा कराती हैं।
“छोटी बचत ही आगे चलकर बनेगी बड़ा सहारा”
निर्मला बाई कहती हैं, “महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाली राशि को मैं अपनी बेटी के खाते में जमा करवाती हूं। कुछ पैसे भविष्य के लिए बचाकर भी रखती हूं, ताकि आगे चलकर मुझे किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े। सरकार की यह मदद मेरे लिए बहुत बड़ा सहारा है।
महिलाओं के हाथों में आर्थिक शक्ति, परिवार के भविष्य को मिल रही मजबूती
महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं को अपनी प्राथमिकताओं के अनुरूप राशि का उपयोग करने का अवसर दे रही है। बचत के माध्यम से निर्मला बाई ने इस सहायता को अपनी बेटी के भविष्य से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है। निर्मला बाई की कहानी बताती है कि हर महीने मिलने वाली छोटी सी आर्थिक सहायता भी जब सोच-समझकर बचत में बदली जाती है, तो वह परिवार के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संबल बन सकती है। महतारी वंदन योजना से मिली राशि को बेटी के नाम सहेजकर निर्मला बाई आज की सहायता को आने वाले कल की आर्थिक सुरक्षा में बदल रही हैं।

(Bureau Chief, Korba)







