Sunday, March 1, 2026

              रायपुर : प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से बदली सोनू की ज़िंदगी, व्यापार में आया सकारात्मक बदलाव

              • पथ विक्रेताओं को बिना गारंटी के ऋण देकर सशक्त बना रही है स्वनिधि योजना

              रायपुर: प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना नगर पालिका क्षेत्र के पथ विक्रेताओं के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभर रही है। वार्ड क्रमांक 07 बखरूपारा निवासी सोनू कुमार भी इसी योजना के लाभार्थी हैं, जिनकी ज़िंदगी में इस योजना ने उल्लेखनीय परिवर्तन लाया है। सोनू कुमार कई वर्षों से जिले के विभिन्न साप्ताहिक बाजारों में टॉर्च, प्लास्टिक के खिलौने और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते रहे। सीमित पूंजी और आर्थिक तंगी के कारण उनके व्यापार का विस्तार संभव नहीं हो पा रहा था, जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करना भी चुनौतीपूर्ण हो गया था।

              इसी बीच उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी मिली। उन्होंने नगर पालिका कार्यालय में प्रथम किश्त हेतु ऋण आवेदन प्रस्तुत किया, जो निर्धारित प्रक्रिया के बाद शीघ्र स्वीकृत हो गया। प्राप्त ऋण राशि से सोनू ने अपने व्यापार में विविधता लाई और माल की मात्रा बढ़ाई। इसका सीधा लाभ उन्हें आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के रूप में मिला। आज उनकी आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में अधिक बेहतर है और वह आत्मविश्वास के साथ अपने कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं।

              सोनू कुमार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना हम जैसे छोटे पथ विक्रेताओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का सशक्त अवसर भी उपलब्ध कराती है।

              प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना

              वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि एक केंद्रीय योजना है, जिसका उद्देश्य शहरी पथ विक्रेताओं को बिना किसी संपार्श्विक के कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पहली किश्त में 10,000 रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है, जिसे समय पर चुकाने पर ब्याज सब्सिडी का लाभ भी मिलता है। डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है। लाभार्थियों के व्यापार को निरंतर सुदृढ़ करने के उद्देश्य से योजना में दूसरी किश्त में 20,000 रुपये तथा तीसरी किश्त में 50,000 रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है, जिससे पथ विक्रेता अपने कारोबार का विस्तार कर स्थायी आजीविका प्राप्त कर सकें।


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