पाँच वर्षीय तसर रेशम विकास कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
रायपुर (BCC NEWS 24): एमआरएमए (MRMA) पहल 2.0 के अंतर्गत जशपुर जिले में हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का समन्वय केंद्रीय रेशम बोर्ड के केंद्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीएसबी-सीटीआरटीआई), राँची की वैज्ञानिक-बी डॉ. निधि सुखीजा तथा सहायक संचालक, रेशम जशपुर श्री श्याम कुमार ने किया। बैठक में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री अजय राय, सहायक उद्यान अधीक्षक श्रीमती सुरबाला पैकरा, फील्ड ऑफिसर (रेशम) श्री जेवियर टोप्पो तथा फील्ड मैन श्रीमती उषा पैकरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं क्षेत्रीय कार्मिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कुल 28 हितधारकों, जिनमें तसर कृषक भी शामिल थे, ने सक्रिय सहभागिता की।
बैठक के दौरान सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (Participatory Rural Appraisal&PRA) एवं आधारभूत सर्वेक्षण (Baseline Survey) के माध्यम से तसर कृषकों की आवश्यकताओं, चुनौतियों और प्राथमिकताओं का विस्तृत आकलन किया गया। सर्वेक्षण में सामने आया कि क्षेत्र में तसर पालन के दौरान चींटियों, ततैया (Wasp) के प्रकोप तथा वायरोसिस (Virosi) रोग के कारण उत्पादन एवं उत्पादकता प्रभावित हो रही है। बैठक में प्राप्त सुझावों और सर्वेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर कृषकों की जरूरतों के अनुरूप नौ आवश्यकता-आधारित कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है, जिन्हें आगामी वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
हितधारक परामर्श एवं आधारभूत सर्वेक्षण से प्राप्त निष्कर्ष जशपुर जिले के लिए पाँच वर्षीय तसर रेशम विकास कार्ययोजना तैयार करने का महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। यह कार्ययोजना स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी हस्तक्षेप, क्षमता निर्माण, रोग एवं कीट प्रबंधन तथा विस्तार गतिविधियों को सुदृढ़ कर तसर रेशम उद्योग के सतत, समावेशी एवं दीर्घकालिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।

(Bureau Chief, Korba)




