रायपुर : सेवा की कहानी : असंगठित महतारी जतन योजना से मनतोसी चौहान को मिली 20 हजार रुपये की सहायता

        प्रसव के बाद बच्चे के पालन-पोषण में मिली आर्थिक मदद, महतारी वंदन योजना का भी मिल रहा लाभ

        रायपुर (BCC NEWS 24): श्रम विभाग के तहत असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की विभिन्न योजनाओं का लाभ श्रमिकों को मिल रहा है। कोरबा जिले के कोहडि़या के चारपारा निवासी घरेलू कार्य करने वाली मनतोसी चौहान को श्रम विभाग की असंगठित महतारी जतन योजना के अंतर्गत पहले बच्चे के जन्म पर 20 हजार रुपये की सहायता राशि मिली। उन्होंने योजना से प्राप्त राशि का उपयोग प्रसव के बाद बच्चे के लालन-पालन और पोषण में किया।

        मनतोसी चौहान असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत घरेलू कर्मकार के रूप में पंजीकृत हैं तथा उनके पति वाहन चालक हैं। श्रीमती मनतोसी ने बताया कि उन्हें श्रम विभाग से योजना की जानकारी मिली थी। योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता से उन्हें बच्चे की देखभाल में मदद मिली। साथ ही, उन्हें प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिल रहा है। योजनाओं से मिल रही आर्थिक सहायता के लिए मनतोसी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि शासन की योजनाएं जरूरतमंद परिवारों को प्रतिकूल परिस्थितियों और कठिन समय में संबल देती हैं।

        क्या है असंगठित महतारी जतन योजना

        यह योजना श्रम विभाग, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा चलाई जाती है। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली गर्भवती महिला श्रमिकों को मातृत्व के दौरान पोषण और इलाज के लिए आर्थिक मदद देना इसका उद्देश्य है।  इसके तहत पंजीकृत श्रमिक के बच्चे के जन्म पर 20 हजार रूपए सीधे बैंक खाते में जमा होते हैं।। योजनांतर्गत महिला या उसके पति का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल में पंजीकृत श्रमिक होना जरूरी है और पंजीयन 90 दिन पुराना हो। आवेदक छत्तीसगढ़ की निवासी हो। गर्भावस्था का प्रमाणीकरण डॉक्टर /एएनएम/ मितानीन से होना चाहिए। इस योजना का लाभ अधिकतम 2 बच्चों के जन्म पर मिलता है। यह योजना श्रम विभाग, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा चलाई जाती है। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली गर्भवती महिला श्रमिकों को मातृत्व के दौरान पोषण और इलाज के लिए आर्थिक मदद देना इसका उद्देश्य है। योजनांतर्गत महिला या उसके पति का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल में पंजीकृत श्रमिक होना जरूरी है और पंजीयन 90 दिन पुराना हो।



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