बिजली बिल हुआ शून्य, अतिरिक्त बिजली से खाते में आए 12 हजार रुपए
पीएम सूर्यघर योजना में मिली 1.08 लाख रुपए की सब्सिडी, खेमचंद से प्रेरित होकर गांव के 32 परिवार भी अपना रहे सौर ऊर्जा
रायपुर (BCC NEWS 24): कभी हर महीने बिजली का बिल चुकाने वाले ग्राम मुरमुंदा के श्री खेमचंद सोरी के लिए अब घर की छत पर पड़ने वाली सूरज की किरणें बचत और आमदनी का जरिया बन गई हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत लगाए गए 3 किलोवाट के सोलर प्लांट से उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है। इतना ही नहीं, जरूरत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में भेजने से उनके खाते में अब तक करीब 12 हजार रुपए भी जमा हो चुके हैं।
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत मुरमुंदा के सरपंच श्री खेमचंद सोरी ने करीब छह माह पहले अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगवाया था। उनका परिवार प्रतिदिन लगभग 3 से 4 यूनिट बिजली का उपयोग करता है, जबकि सोलर प्लांट से प्रतिदिन करीब 20 से 22 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। इस तरह प्रतिदिन लगभग 16 से 18 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जा रही है।श्री सोरी अपने मोबाइल एप पर बिजली उत्पादन और खपत की जानकारी नियमित रूप से देखते हैं। सोलर प्लांट लगने से पहले उनके घर का बिजली बिल करीब 500 रुपए प्रतिमाह आता था। अब बिजली बिल शून्य हो गया है और अतिरिक्त बिजली से आर्थिक लाभ भी मिलने लगा है।
सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए श्री सोरी को कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी मिली। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपए और राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपए की सहायता शामिल है। इस आर्थिक सहयोग से उनके लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान हुआ।श्री सोरी बताते हैं कि योजना से परिवार की बिजली की जरूरत पूरी होने के साथ हर महीने होने वाले खर्च में भी बचत हो रही है। अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने से आय का एक नया माध्यम भी मिला है। योजना से मिले लाभ के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
’खेमचंद की पहल से प्रेरित हो रहा पूरा गांव’
सरपंच होने के नाते श्री खेमचंद सोरी ने केवल अपने घर में सोलर प्लांट लगाकर उदाहरण प्रस्तुत नहीं किया, बल्कि गांव के दूसरे परिवारों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसका परिणाम है कि ग्राम पंचायत मुरमुंदा में अब तक करीब 32 परिवार अपने घरों में सोलर पैनल स्थापित कर योजना का लाभ ले रहे हैं।ग्राम पंचायत में सूर्यसभा के माध्यम से ग्रामीणों को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी दी जा रही है। लोगों को बताया जा रहा है कि सौर ऊर्जा से बिजली खर्च कम करने के साथ अतिरिक्त उत्पादित बिजली से आर्थिक लाभ भी प्राप्त किया जा सकता है। इससे गांव के अन्य परिवार भी योजना से जुड़ने के लिए आगे आ रहे हैं।
श्री खेमचंद सोरी की कहानी बताती है कि घर की छत पर पड़ने वाली धूप किस तरह परिवार की आर्थिक बचत का माध्यम बन सकती है। उनके घर में लगा सोलर प्लांट आज केवल बिजली उत्पादन का साधन नहीं, बल्कि बचत, अतिरिक्त आय और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन गया है। मुरमुंदा के 32 परिवारों द्वारा सौर ऊर्जा को अपनाना गांव में स्वच्छ और हरित ऊर्जा की ओर बढ़ते बदलाव की तस्वीर भी पेश करता है। सूरज से मिलने वाली ऊर्जा अब यहां घरों को रोशन करने के साथ परिवारों के बिजली खर्च को कम कर रही है और अतिरिक्त ऊर्जा को आर्थिक लाभ में बदल रही है।

(Bureau Chief, Korba)







