147 टीबी मरीजों की पहचान कर त्वरित उपचार से जोड़ा गया
रायपुर (BCC NEWS 24): प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान देश से क्षय रोग (टीबी) को खत्म करने का एक जन-आंदोलन है। इसके तहत मरीजों को पोषण, चिकित्सीय और व्यावसायिक सहायता दी जाती है। इसमें ‘निक्षय मित्र’ बनकर लोग या संस्थाएं टीबी रोगियों की मदद करते हैं। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में संचालित 100 दिवसीय सघन टीबी जांच अभियान जिला प्रशासन नारायणपुरऔर स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत जनवरी से जुलाई 2026 तक 2,470 लोगों के बलगम नमूनों की जांच की गई, जिसमें 147 टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत त्वरित उपचार से जोड़ा गया है।
दुर्गम क्षेत्रों में एआई तकनीक से जांच
नारायणपुर जिले के 87 हाई रिस्क गांवों को चिन्हित कर विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 68 गांवों में आधुनिक एआई (AI) आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के जरिए शिविर आयोजित कर 5,801 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से 1,101 संदिग्ध मरीजों के बलगम नमूने सीबीएनएएटी (CBNAAT) जांच के लिए भेजे गए हैं। इस आधुनिक तकनीक से सुदूर व दुर्गम क्षेत्रों में भी संभावित मरीजों की पहचान आसान हुई है।
93 निक्षय मित्रों ने संभाली पोषण की जिम्मेदारी
कलेक्टर नारायणपुर की विशेष अपील पर जिले के 93 अधिकारियों, कर्मचारियों और सीएसआर सहयोगियों ने आगे आकर 93 टीबी मरीजों को निक्षय मित्र के रूप में गोद लिया है। ये निक्षय मित्र मरीजों को नियमित रूप से फूड बास्केट और पौष्टिक आहार उपलब्ध करा रहे हैं। कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में निक्षय मित्र बनकर इस अभियान में योगदान देने का आह्वान किया है।
लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं जांच: स्वास्थ्य विभाग
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी नारायणपुर ने अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, वजन या भूख में कमी और रात में पसीना आने जैसे लक्षण हों, तो वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर जांच और नियमित दवा से टीबी का पूरी तरह से इलाज संभव है।

(Bureau Chief, Korba)




