​रायपुर : पीड़ित परिवारों को राहत और आत्मसमर्पितों को मुख्यधारा से जोड़ने प्रशासन ने कसी कमर

            कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

            लंबित मामलों को जल्द से जल्द सुलझाने के दिए कड़े निर्देश

            ​रायपुर (BCC NEWS 24): नक्सल प्रभावित परिवारों को समय पर न्याय दिलाने, शहीद जवानों के परिवारों का सम्मान करने और आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। बीजापुर कलेक्टर श्री विश्वदीप और पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी फाइलों का निपटारा तेजी से किया जाए।

            ​त्वरित कार्रवाई- पीड़ितों को तुरंत मिलेगी सहायता और अनुकंपा नियुक्ति

            बैठक में सबसे ज्यादा जोर नक्सल पीड़ितों की मदद और उनके पुनर्वास पर रहा। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को मिलने वाली अनुग्रह सहायता राशि (मुआवजा) और अनुकंपा नियुक्ति के मामलों की बारीकी से समीक्षा की गई। कलेक्टर और एसपी ने स्पष्ट किया कि पात्र परिवारों को बिना किसी देरी के प्राथमिकता के आधार पर सहायता और सरकारी नौकरी दी जाए।

            ​वीर जवानों की स्मृति को संजोए रखने चौक-चौराहों का नामकरण​ शहीदों के नाम 

            नक्सली हिंसा में घायल हुए ग्रामीणों के मुफ्त इलाज और शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए। चौक-चौराहों और रास्तों का होगा नामकरण ​शहीदों के नाम पर किया जाएगा। ​देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों और नागरिकों की स्मृति को संजोए रखने के लिए एक गरिमामयी निर्णय लिया गया है। ​जिन क्षेत्रों में 05 या उससे अधिक जवान शहीद हुए हैं, वहां के प्रमुख चौक, चौराहों और सड़कों का नामकरण उन शहीदों के नाम पर किया जाएगा। ​इसी तरह जिन स्थानों पर 03 या उससे अधिक ग्रामीणों ने नक्सली हिंसा में अपनी जान गंवाई है, उन गांवों या मार्गों का नामकरण भी उनके सम्मान में करने के प्रस्तावों पर तेजी से काम करने को कहा गया है।


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