Sunday, February 15, 2026

              रायपुर : बदली हुई धान खरीदी व्यवस्था ने बदली धौलपुर के किसान बुद्धराम की तस्वीर

              • 80.80 क्विंटल धान की सफल खरीदी से उजागर हुई सरकार की पारदर्शी नीति
              • मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किसान सशक्तिकरण की नई कहानी

              रायपुर: खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 छत्तीसगढ़ के कृषि इतिहास में किसानों के लिए भरोसे सम्मान और पारदर्शिता का नया प्रतीक बनकर उभरा है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई सरल सुचारू और पूरी तरह तकनीक आधारित धान खरीदी व्यवस्था ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अब किसान की मेहनत का पूरा मूल्य बिना किसी बाधा के समय पर और सम्मानपूर्वक मिलेगा। इस सकारात्मक बदलाव की सशक्त और जीवंत मिसाल हैं ग्राम धौलपुर निवासी किसान बुद्धराम पिता सज्जन जिन्होंने कोड़ा उपार्जन केंद्र पर अपनी धान की फसल का सफल विक्रय कर इस व्यवस्था की ताकत को प्रत्यक्ष रूप से महसूस किया ।

              किसान की मेहनत को नीति का संबल

              बुद्धराम एक साधारण लेकिन अत्यंत परिश्रमी किसान हैं जिन्होंने पूरे समर्पण के साथ अपने खेतों में धान की फसल तैयार की। राज्य सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की स्पष्ट नीति और 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य ने उनके जैसे किसानों के मन से अनिश्चितता और चिंता को दूर किया है। यह नीति न केवल आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है बल्कि किसानों को खेती के प्रति आत्मविश्वास और सम्मान की अनुभूति भी करा रही है ।

              तुहर टोकन 24×7 व्यवस्था से समय और सम्मान दोनों की गारंटी

              राज्य सरकार की अभिनव “तुहर टोकन 24×7” सुविधा के माध्यम से निर्धारित तिथि पर टोकन प्राप्त कर जब किसान बुद्धराम कोड़ा उपार्जन केंद्र पहुँचे तो उन्हें एक सुव्यवस्थित और किसान केंद्रित व्यवस्था का अनुभव हुआ। केंद्र पर बैठने की समुचित व्यवस्था स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और सहयोगी कर्मचारियों के व्यवहार ने पूरी प्रक्रिया को सहज सरल और सम्मानजनक बना दिया। किसानों को न तो लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ी और न ही किसी प्रकार की असुविधा का सामना करना पड़ा ।

              डिजिटल तकनीक से पारदर्शिता और विश्वास

              धान खरीदी प्रक्रिया में डिजिटल तौल कांटा फोटो अपलोड आधारित सत्यापन और रियल टाइम डाटा एंट्री जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया। पूरी प्रक्रिया किसान की उपस्थिति में संपन्न हुई, जिससे पारदर्शिता बनी रही। तकनीक के इस प्रभावी उपयोग से न केवल समय की बचत हुई बल्कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या संदेह की संभावना भी समाप्त हो गई जिससे किसानों का भरोसा व्यवस्था पर और अधिक मजबूत हुआ ।

              80.80 क्विंटल धान की सफल और निर्बाध खरीदी

              खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान किसान बुद्धराम द्वारा कुल 80.80 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया गया। पूरी खरीदी प्रक्रिया समयबद्ध रही और बिना किसी बाधा के पूर्ण हुई। इस अनुभव ने बुद्धराम को न केवल संतोष दिया बल्कि उन्हें अपने श्रम के प्रति गर्व और आत्मविश्वास की अनुभूति भी कराई ।

              सीधे बैंक खाते में भुगतान से आर्थिक सशक्तिकरण

              धान विक्रय के पश्चात भुगतान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में अंतरित की गई। समय पर भुगतान मिलने से बुद्धराम की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। अब वे बच्चों की शिक्षा घरेलू आवश्यकताओं और आगामी कृषि कार्यों की बेहतर योजना बना पा रहे हैं। यह व्यवस्था किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है ।

              मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किसान हितैषी शासन

              किसान बुद्धराम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई किसान हितैषी नीतियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि सरकार की यह नई व्यवस्था किसानों के मनोबल को बढ़ाती है और खेती को एक सम्मानजनक और सुरक्षित आजीविका के रूप में स्थापित करती है । बुद्धराम की यह सफलता की कहानी छत्तीसगढ़ के उन हजारों किसानों की भावना का प्रतीक है जो बदली हुई धान खरीदी व्यवस्था से लाभान्वित हो रहे हैं। यह कहानी दर्शाती है कि जब सही नीति आधुनिक तकनीक और संवेदनशील प्रशासन एक साथ काम करते हैं तो किसान के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक परिवर्तन संभव हो पाता है ।


                              Hot this week

                              Related Articles

                              Popular Categories