रायपुर : शिक्षा के व्यावसायीकरण को रोकने फीस विनियमन अधिनियम का कड़ाई से पालन कराएं – मुख्य सचिव विकासशील

            निजी स्कूलों में मनमानी फीस वसूली पर लगेगी लगाम

            रायपुर (BCC NEWS 24): राज्य के कतिपय निजी विद्यालयों द्वारा पालकों से उनके पाल्यों के अध्यापन हेतु नियम विरुद्ध शुल्क वसूला जा रहा है। मुख्य सचिव श्री विकासशील इसे गंभीरता से लेते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को ‘छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन विधेयक 2020’ का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किए हैं। राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि पालकों के हितों की रक्षा एवं शिक्षा के व्यावसायीकरण को रोकने के लिए फीस विनियमन अधिनियम का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।

            राज्य में 26 अगस्त 2020 से प्रभावशील इस विधेयक के अध्याय-2 की कंडिका-3 के अनुसार प्रत्येक निजी विद्यालय में विद्यालय फीस समिति का गठन अनिवार्य है। यह समिति प्रतिवर्ष पूर्व वर्ष के शुल्क से अधिकतम 8 प्रतिशत तक ही शुल्क वृद्धि का अनुमोदन कर सकेगी। 8 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि की स्थिति में जिला फीस समिति से पूर्व अनुमोदन लेना आवश्यक होगा।

            निर्देश में यह भी कहा गया है कि प्रत्येक निजी विद्यालय में फीस विनियमन समिति को तत्काल क्रियाशील बनाया जाए। निजी विद्यालयों से समन्वय एवं नियंत्रण के लिए नोडल प्राचार्य की भूमिका महत्वपूर्ण है तथा नोडल प्राचार्य विद्यालय शुल्क विनियमन समिति के सदस्य भी होते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शुल्क विनियमन समिति के सदस्य सचिव होते हैं। अतः जिला शिक्षा अधिकारी एवं नोडल प्राचार्यों के माध्यम से निजी स्कूलों में छत्तीसगढ़ अशासकीय शुल्क अधिनियम का पालन सुनिश्चित कराया जाए। नियम विरुद्ध शुल्क वृद्धि किये जाने पर संबंधित निजी विद्यालय के विरूद्ध नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।


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