राजस्थान: गुर्जर महापंचायत का फैसला- शादी में दूल्हे ने दाढ़ी रखी तो ढाई लाख जुर्माना, बाल विवाह-मृत्युभोज पर भी रोक

              पाली: राजस्थान के 5 जिलों के गुर्जर समाज ने सामाजिक कुरीतियों और फिजूलखर्ची के खिलाफ ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया है। अब समाज के किसी भी सामाजिक समारोह में डोडा, अफीम या शराब जैसी नशे की चीजों की मनुहार (परोसना) पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। यदि किसी आयोजन में ऐसा किया गया, तो समाज के लोग वहां भोजन नहीं करेंगे और कार्यक्रम छोड़कर चले जाएंगे।

              नियम तोड़ने वाले की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाएगी और उस पर 2.51 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

              तय किया गया कि शादी में दूल्हा क्लीन शेव रहेगा। किसी भी कीमत पर शेव (दाढ़ी) में कोई शादी नहीं कर सकेगा। इस तरह के कई अन्य क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं।

              16 मई को पाली जिले के चंडावल के पास स्थित देवडूंगरी भगवान देवनारायण मंदिर परिसर में महापंचायत हुई थी। यह महापंचायत भगवान देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवडूंगरी और 11 हथाई गुर्जर समाज मारवाड़ की ओर से बुलाई गई थी।

              इस दौरान समाजहित में तमाम बिंदुओं पर चर्चा हुई और कठोर फैसले लिए गए। देवडूंगरी को गुर्जर समाज में ‘गुर्जर हाईकोर्ट’के नाम से भी जाना जाता है।

              पाली जिले के चंडावल के निकट स्थित गुर्जर समाज के देवडूंगरी भगवान देवनारायण मंदिर परिसर में हुई महापंचायत में गुर्जर समाज ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

              पाली जिले के चंडावल के निकट स्थित गुर्जर समाज के देवडूंगरी भगवान देवनारायण मंदिर परिसर में हुई महापंचायत में गुर्जर समाज ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

              इन 5 जिलों में 16 मई से लागू हुए नए सामाजिक नियम

              महापंचायत में मुख्य रूप से 5 जिलों के समाजबंधु शामिल हुए थे। इन जिलों में ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

              • पाली
              • जोधपुर
              • ब्यावर
              • जालोर
              • नागौर

              महापंचायत में समाज का आह्वान…

              कुरीतियों का पैसा बच्चों की पढ़ाई और गरीबों की शादी में लगाएं

              मृत्युभोज जैसी प्रथाओं को बंद करना अब बेहद जरूरी हो गया है। इसमें फिजूल खर्च होने वाले दो लाख रुपए को यदि किसी गरीब के बेटे-बेटी के विवाह या किसी जरूरतमंद और प्रतिभावान बच्चे की उच्च शिक्षा में लगाया जाए, तो इससे समाज का भला होगा और समाज आगे बढ़ेगा।

              फिजूलखर्ची रोकना और शिक्षा को बढ़ावा देना

              भगवान देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवडूंगरी और 11 हथाई गुर्जर समाज मारवाड़ के उपाध्यक्ष नारायण फौजी कहते हैं- समाज में लगातार बढ़ रही फिजूलखर्ची को रोकने, सामाजिक कुरीतियों से समाजबंधुओं को मुक्त कराने और बालक-बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ये कठोर निर्णय लिए गए हैं। समाज के साथ-साथ हर परिवार की प्रगति हो, इसी सोच के साथ यह प्रस्ताव पारित हुआ है।

              इस महापंचायत के दौरान अध्यक्ष राजूराम मिणदार सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु, विभिन्न क्षेत्रों के पंच-पटेल और कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने हाथ उठाकर इस फैसले का समर्थन किया।


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