शोक समाचार: भाजपा के सीनियर नेता विजय कुमार मल्होत्रा ​​का 93 साल की उम्र में निधन, AIIMS में ली अंतिम सांस, दिल्ली के पहले BJP अध्यक्ष, 5 बार सांसद और 2 बार विधायक रहे

        नई दिल्ली: भाजपा के सीनियर नेता विजय कुमार मल्होत्रा ​​का मंगलवार सुबह 93 साल की उम्र में निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से दिल्ली AIIMS में भर्ती थे। AIIMS ने आज सुबह उनकी मौत की जानकारी दी।

        मल्होत्रा दिल्ली से 5 बार सांसद और दो बार के विधायक थे। वे 1980 में दिल्ली के पहले प्रदेश अध्यक्ष बने। उन्हों​​ने 1999 के लोकसभा चुनावों में दक्षिण दिल्ली से कांग्रेस उम्मीदवार मनमोहन सिंह को हराया था।

        उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली स्थित उनके आवास पर रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित भाजपा के कई बड़े नेता उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

        PM मोदी ने विजय कुमार मल्होत्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार वालों को सांत्वना दी।

        PM मोदी ने विजय कुमार मल्होत्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार वालों को सांत्वना दी।

        PM बोले- दिल्ली में भाजपा को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका

        मोदी ने X पर कहा, ‘विजय कुमार मल्होत्रा ​एक महान नेता थे जिन्हें जन मुद्दों की गहरी समझ थी। उन्होंने दिल्ली में हमारी पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उन्हें संसदीय मामलों में उनके हस्तक्षेप के लिए भी याद किया जाता है। उनका निधन बहुत दुखद है।’

        PM मोदी 25 दिसंबर, 2018 को दिल्ली में राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी 94वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने विजय कुमार मल्होत्रा से मुलाकात की थी।

        PM मोदी 25 दिसंबर, 2018 को दिल्ली में राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी 94वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने विजय कुमार मल्होत्रा से मुलाकात की थी।

        मल्होत्रा 2008 में शीला दीक्षित के खिलाफ CM दावेदार थे

        विजय कुमार मल्होत्रा 2004 के लोकसभा चुनावों में, दिल्ली की संसदीय सीट जीतने वाले एकमात्र भाजपा उम्मीदवार थे, जबकि कांग्रेस ने बाकी छह सीटों पर जीत हासिल की थी।

        2008 के चुनाव में उन्हें पार्टी के मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में भी पेश किया गया था। हालांकि, उस साल शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस ने अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा था।

        इसके बाद मल्होत्रा दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने। मल्होत्रा ​​को दिल्ली में भाजपा का अस्तित्व बचाए रखने का श्रेय दिया जाता है। लगभग ​​45 साल के राजनीतिक जीवन में वे अपने बेदाग छवि के लिए जाने जाते थे।



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