Monday, June 17, 2024
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शदाणी दरबार अध्यात्मिक शक्ति का केन्द्र : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

  • मुख्यमंत्री का पूज्य शदाणी दरबार में शदाणी शिरोमण्डल और सिंधी समाज द्वारा किया गया भव्य स्वागत

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आज यहां पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ में शदाणी शिरोमण्डल और रायपुर सिंधी समाज द्वारा भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जय-जय सदाराम घोष के साथ कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे यहां आने और पूज्य गुरू के आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि शदाणी दरबार अध्यात्मिक शक्ति का केन्द्र है और जो भी यहां सच्चे मन से मत्था टेकता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है। शदाणी दरबार के आशीर्वाद से ही मुझ जैसे छोटे कार्यकर्ता को प्रदेश की जिम्मेदारी मिली है। मैं यह प्रार्थना करता हूं कि शदाणी दरबार मुझे इतनी शक्ति दे कि मैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चुनाव के समय की गई गारंटियों को शत्-प्रतिशत पूरा कर प्रदेश की जनता के अटूट विश्वास पर खरा उतर सकूं। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती को प्रदेश में सुशासन दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर अभनपुर के ग्राम बेन्द्री में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के 12 लाख से अधिक किसानों को दो साल के धान के बकाया बोनस के रूप में 3716 करोड़ रूपए की राशि उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने शपथ लेने के अगले ही दिन कैबिनेट की बैठक में गरीबों के 18 लाख आवासों के निर्माण की मंजूरी दी। इससे उन लोगों को आवास मिल सकेगा जो पिछले पांच साल में आवास से वंचित रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी कथनी-करनी समान है। प्रदेश ही नहीं पूरे देश ने मोदी की गारंटी पर भरोसा किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों हस्तांतरित की गई बोनस राशि और आवास की मंजूरी से निर्माण कार्यों की सामग्रियों का पैसा बाजार में व्यापारियों के पास आयेगा और लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने समाज द्वारा किए गए स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए सभी का अभिनंदन किया। 

मुख्यमंत्री ने शदाणी दरबार पहुंचकर सबसे पहले संत सदाराम की समाधि पर जाकर मत्था टेका और शदाणी दरबार में धुनी वाले महादेव साहेब की विधिविधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

संत श्री डॉ. युधिष्ठिर लाल ने अपने आशीर्वचन में कहा कि भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता के प्रतीक, पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ एक सर्वधर्म, समभाव का संनातनी मान्यताओं के प्रचार-प्रसार की सेवा स्थली है। इस पूज्य स्थल पर मुख्यमंत्री के प्रथम आगमन पर उनका समाज की ओर से स्वागत है। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति और खुशहाली के लिए धर्मानुसार शासन होता है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार आने वाले दिनों में प्रदेश-देश की प्रगति व खुशहाली के लिए और भी बेहतर ढंग से काम करेगी। सभी वर्गों को साथ लेकर समरसता के भाव से उन्नति की ओर अग्रसर होगी। 

समाज के युवा प्रतिनिधि श्री अमित चिमनानी ने कहा कि आज सुखद अवसर है जब पूज्य शदाणी दरबार में श्रद्धालुओं को अपना दर्शन देने विष्णु आए हैं। हम सभी हृदय की गहराइयों से आपका अभिनंदन और वंदन करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जब केवल 10 वर्ष के थे, तब उनके सर से पिता का साया उठ गया था। जब बच्चे  बाल काल में अनेक अटखेलियां करते खेलते कूदते है 10 वर्ष की उम्र से ही श्री विष्णु देव साय परिवारजनों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते-निभाते प्रदेश और राष्ट्र की सेवा करते हुए सरपंच से विधायक, सांसद, केन्द्र में मंत्री तक का सफर तय किया और आज प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हैं। 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेते ही उन्होंने जनता की पीड़ा को हरने में पल भर की भी देरी नहीं की। पहली ही कैबिनेट में पांच वर्षों से अपने खुद के मकान के लिए तरस रहे 18 लाख परिवारों को उनका अपना पक्का मकान देने का निर्णय स्वीकृत किया। इसके साथ ही आज प्रदेश के 12 लाख से अधिक अन्नदाता किसानों को 3716 करोड़ रुपए की राशि सीधा उनके खाते में हस्तांतरित की।  

शदाणी दरबार तीर्थ में आज दरबार के संस्थापक शिव अवतारी संत शदाराम साहिब की जन्म तिथि पर शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी पर हर महीने चौदस मेले का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर शदाणी दरबार तीर्थ के प्रमुख संत युधिष्ठिर लाल जी, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, शदाणी दरबार तीर्थ के सचिव श्री उदय शदाणी, डॉ. भीष्म शदाणी, सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष श्री ललित जैसिंघ, सिंध समाज के विभिन्न फोरम के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं और श्रद्धालु उपस्थित थे।

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