
- शिवभक्ति में डूबा कोरबा, सोमनाथ स्वाभिमान स्मृति वर्ष पर हुआ ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन
कोरबा (BCC NEWS 24): सनातन आस्था, राष्ट्रीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना के अमर प्रतीक विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ महादेव मंदिर के 1000 वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा वर्ष 2026 को “सोमनाथ स्वाभिमान स्मृति वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में भाजपा जिला संगठन के आह्वान पर 10 जनवरी को कोरबा जिले में श्रद्धा, भक्ति और स्वाभिमान से ओत-प्रोत भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुए।
संगठन के निर्देशानुसार जिले भर के भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों के प्रमुख शिव मंदिरों में विधिवत जलाभिषेक कर महामृत्युंजय मंत्र का पाठ किया तथा सनातन संस्कृति के गौरव प्राचीन एवं अलौकिक सोमनाथ मंदिर का स्मरण कर भगवान शिव के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर जिले के शिवालय हर-हर महादेव के जयघोष और महामृत्युंजय मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठे।
हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा श्री कपिलेश्वरनाथ महादेव मंदिर
इसी कड़ी में रविशंकर नगर स्थित श्री कपिलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। यहां उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन जी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गोपाल मोदी जी एवं महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत जी की गरिमामयी उपस्थिति में भगवान शिव का दर्शन, जलाभिषेक एवं महामृत्युंजय मंत्र का सामूहिक जाप किया गया। कार्यक्रम के दौरान सनातन परंपरा, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय स्वाभिमान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया गया। इस धार्मिक आयोजन में जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा, जिला उपाध्यक्ष मंजू सिंह, प्रफुल्ल तिवारी, रुक्मणी नायर, जिला मंत्री कमला बरेठ, जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता, जिला सह मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र यादव, मंडल अध्यक्ष डॉ. राजेश राठौर, ज्योति वर्मा, उदय श्रीवास्तव, मिलाप बरेठ, प्रकाश अग्रवाल, नीरज ठाकुर, भरत सोनी, वैभव शर्मा, श्रीधर द्विवेदी, जुगल पालीवाल, पुष्पकला साहू, नुतन राजवाड़े, सुधा झा, सरस्वती पटेल, वैशाली रत्नपारखी, नरेन्द्र सिंह, विनोद त्रिपाठी व नरेन्द्र गुप्ता सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। पूरे जिले में आयोजित यह कार्यक्रम सोमनाथ की अक्षुण्ण आस्था, शिवभक्ति और सनातन स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आया, जिसने धार्मिक चेतना के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रगौरव की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।

(Bureau Chief, Korba)




