Monday, February 2, 2026

            Stock Market Today: बजट के एक दिन बाद सेंसेक्स 943 अंक चढ़ा, ये 81,666 के स्तर पर बंद हुआ, निफ्टी भी 262 अंक ऊपर; ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा 2% की तेजी रही

            मुंबई: बजट के एक दिन बाद आज यानी 2 फरवरी (सोमवार) को शेयर बाजार में तेजी रही। सेंसेक्स 943 अंक चढ़कर 81,666 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 262 अंक की तेजी रही। ये 25,088 के स्तर पर बंद हुआ।

            सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 24 में तेजी और 6 में गिरावट रही। निफ्टी के ऑटो, FMCG, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में 2% तक की तेजी देखने को मिली। वहीं IT शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।

            बजट के बाद आज बाजार में तेजी के प्रमुख कारण

            • वैल्यू बाइंग से रिकवरी: पिछले सेशन (1 फरवरी) में बजट डे पर इंडेक्स ने बड़ी गिरावट दर्ज की थी। निवेशकों ने इस करेक्शन के बाद वैल्यू बाइंग की, यानी सस्ते भाव पर अच्छे शेयर खरीदे। इसी से बाजार दिन के निचले स्तर से काफी ऊपर आया और बंद हुआ।
            • क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट: ब्रेंट क्रूड 4.14% गिरकर 66.45 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। क्रूड सस्ता होने से इन्फ्लेशन का दबाव कम होता है और भारत का ट्रेड बैलेंस बेहतर होता है। इससे इक्विटी मार्केट को सपोर्ट मिला।
            • बजट के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ वाले ऐलान: यूनियन बजट 2026-27 में कुल 53.5 लाख करोड़ का बजट पेश किया गया। मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट, ग्लोबल डेटा सेंटर्स के लिए लॉन्ग-टर्म टैक्स इंसेंटिव और एग्रीकल्चर, टूरिज्म को सपोर्ट देने वाले फैसले आए। फिस्कल कंसॉलिडेशन के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेंडिंग जारी रखने का संकेत मिला, जिससे निवेशक सेंटिमेंट बेहतर हुआ।
            • रुपया मजबूत हुआ: रुपया 37 पैसे चढ़कर 91.56 पर पहुंच गया। क्रूड कीमतों में गिरावट से रुपया को सपोर्ट मिला। फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि बजट ने आश्वासन दिया, राहत नहीं। हालांकि अगले फाइनेंशियल ईयर में सरकार 17.2 लाख करोड़ उधार लेने वाली है और फिस्कल डेफिसिट 4.3% रहने का अनुमान है, जो कुछ प्रेशर डाल सकता है।

            कल बजट के दिन सेंसेक्स 1,546 अंक गिरा था

            कल 1 फरवरी को बजट पेश होने के बाद बाजार में तेज गिरावट रही थी। सेंसेक्स 1546 अंक यानी करीब 2% गिरकर 80,722 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 495 अंक टूटा, ये 24,825 के स्तर पर बंद हुआ था।

            सरकार ने फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया। ऑप्शंस प्रीमियम और एक्सरसाइज पर भी STT को बढ़ाकर 0.15% किया है। इस कारण बाजार में तेज गिरावट रही थी।

            विदेशी निवेशकों ने 1 फरवरी को 588 करोड़ के शेयर बेचे

            • विदेशी निवेशकों (FII) ने 1 फरवरी को ₹588 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹682 करोड़ की बिकवाली की थी।
            • दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल ₹34,350 करोड़ के शेयर्स बेचे थे। इस दौरान बाजार को संभाल रहे DIIs ने ₹79,620 करोड़ के शेयर खरीदे थे।

            एशियाई और अमेरिकी बाजार में भी गिरावट रही थी

            • जापान का निक्केई इंडेक्स 0.26% गिरकर 53,186 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 4.33% नीचे 4,998 कारोबार कर रहा है।
            • हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 2.33% गिरकर 26,748 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.32% नीचे 4,063 पर ट्रेड कर रहा है।
            • 30 जनवरी को अमेरिका का डाउ जोंस 0.36% गिरा, नैस्डैक 0.94% गिरकर बंद हुआ था।

            मैरी रिटेल लिमिटेड ने IPO के लिए ड्राफ्ट फाइल किया

            हैदराबाद की कंपनी मैरी रिटेल लिमिटेड अपना आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी ने मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास शुरुआती दस्तावेज यानी DRHP जमा कर दिया है। कंपनी इसके जरिए 522 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी करेगी। साथ ही, कंपनी के प्रमोटर मैरी वेंकट रेड्डी ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए अपने 2.70 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेंगे। मैरी रिटेल कपड़ों और ज्वेलरी का बिजनेस करती है।

            बजट में फ्यूचर्स-ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ाया

            1. फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर टैक्स: फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर लगने वाले STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया। जब किसी शेयर या इंडेक्स का फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट बेचते हैं, तो उसकी पूरी वैल्यू पर यह टैक्स लगता है।

            2. ऑप्शंस प्रीमियम पर टैक्स: जब आप कोई ऑप्शन खरीदते या बेचते हैं, तो आप जो कीमत (प्रीमियम) चुकाते हैं, उस पर लगने वाला टैक्स अब बढ़ गया है। इसे 0.1% से बढ़ाकर 0.15% किया गया।

            3. ऑप्शंस एक्सरसाइज पर टैक्स: अगर कोई ऑप्शन एक्सपायरी तक रखा और वह फायदे में रहा, तो सेटलमेंट के वक्त लगने वाला टैक्स एक्सरसाइज STT कहलाता है। इसे 0.125% से बढ़ाकर 0.15% किया।

            सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स क्या है?

            STT यानी सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स एक तरह का डायरेक्ट टैक्स है जो शेयर बाजार में होने वाली हर खरीद-बिक्री पर लगता है। यह टैक्स आपको तब भी देना पड़ता है, जब आपको घाटा हो रहा हो।

            यह सीधे आपकी ट्रांजैक्शन वैल्यू पर कटता है और स्टॉक एक्सचेंज इसे सरकार के पास जमा कर देता है। टैक्स दरें बढ़ने से अब आपको एक ही ट्रांजैक्शन के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे चुकाने होंगे।


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