नई दिल्ली: बजट के बाद आज यानी 1 फरवरी (रविवार) को शेयर बाजार गिरकर बंद हुआ। सेंसेक्स 1546 अंक यानी करीब 2% गिरकर 80,722 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 495 अंक टूटा, ये 24,825 के स्तर पर बंद हुआ।
सरकार ने फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया। ऑप्शंस प्रीमियम और एक्सरसाइज पर भी STT को बढ़ाकर 0.15% किया है।
इस वजह से ही बाजार में यह गिरावट आई। बीते सात साल में बजट के दिन की यह सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले 2020-21 बजट के दिन सेंसेक्स 987 अंक और निफ्टी 300 अंक गिरकर बंद हुआ था।
BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 11 लाख करोड़ रुपए घटा
तेज बिकवाली के बीच BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 11 लाख करोड़ रुपए कम हो गया। आज सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 27 में गिरावट और सिर्फ 3 में तेजी रही।
BEL, SBI और अडाणी पोर्ट्स के शेयर में 6% तक की गिरावट रही। सरकारी बैंक सेक्टर में सबसे ज्यादा 6% तक की गिरावट देखने को मिली। मेटल, मीडिया, FMCG, मीडिया और रियल्टी सेक्टर में भी गिरावट रही।
बजट के दिन ऐसी रही बाजार की चाल
- बजट भाषण के बाद: कारोबार के दौरान सेंसेक्स 2,370 अंक गिरकर अपने दिन के निचले स्तर 79,899 पर आ गया था। वहीं निफ्टी भी 750 अंक गिरकर 24,571 के निचले स्तर पर आ गया था।
- बजट भाषण के दौरान: सेंसेक्स 1,600 अंक यानी 2% गिरकर 80,600 पर आ गया। वहीं निफ्टी भी करीब 550 अंक गिरकर 24,800 के स्तर पर आ गया।
- बजट से पहले: सुबह 9:15 बजे सेंसेक्स 100 अंक की गिरावट के साथ 82,156 के स्तर पर खुला था। निफ्टी भी करीब 50 अंक गिरकर 25,275 के स्तर पर ओपन हुआ था।
बाजार में आगे भी रह सकती है गिरावट: एक्सपर्ट्स
- केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, जियो पॉलिटिकल टेंशन और बजट में शेयर मार्केट को लेकर कोई घोषणा न होने के चलते इस हफ्ते बाजार में गिरावट रहने की संभावना है।
- HDFC सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट नंदीश शाह का कहना है कि निफ्टी ने 24,900-25,450 के कंसॉलिडेशन रेंज को तोड़ दिया है। यह संकेत है कि बाजार में एक बार फिर पोजिशनल डाउनट्रेंड शुरू हो चुका है।
- SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि 24,700-24,650 का जोन फिलहाल निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट बना रहेगा। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टिकता है, तो गिरावट और तेज हो सकती है।
बजट में फ्यूचर्स-ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ाया
1. फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर टैक्स: फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर लगने वाले STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया। जब किसी शेयर या इंडेक्स का फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट बेचते हैं, तो उसकी पूरी वैल्यू पर यह टैक्स लगता है।
2. ऑप्शंस प्रीमियम पर टैक्स: जब आप कोई ऑप्शन खरीदते या बेचते हैं, तो आप जो कीमत (प्रीमियम) चुकाते हैं, उस पर लगने वाला टैक्स अब बढ़ गया है। इसे 0.1% से बढ़ाकर 0.15% किया गया।
3. ऑप्शंस एक्सरसाइज पर टैक्स: अगर कोई ऑप्शन एक्सपायरी तक रखा और वह फायदे में रहा, तो सेटलमेंट के वक्त लगने वाला टैक्स एक्सरसाइज STT कहलाता है। इसे 0.125% से बढ़ाकर 0.15% किया।
सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स क्या है?
- STT यानी सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स एक तरह का डायरेक्ट टैक्स है जो शेयर बाजार में होने वाली हर खरीद-बिक्री पर लगता है। यह टैक्स आपको तब भी देना पड़ता है, जब आपको घाटा हो रहा हो।
- यह सीधे आपकी ट्रांजैक्शन वैल्यू पर कटता है और स्टॉक एक्सचेंज इसे सरकार के पास जमा कर देता है। टैक्स दरें बढ़ने से अब आपको एक ही ट्रांजैक्शन के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे चुकाने होंगे।
30 जनवरी को शेयर बाजार में रही थी गिरावट
30 जनवरी यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 296 अंक (0.36%) गिरकर 82,269 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 98 अंक (0.39%) की गिरावट रही थी, ये 25,320 पर बंद हुआ था।
विदेशी निवेशकों ने 30 जनवरी को 2,251 करोड़ के शेयर खरीदे थे
- विदेशी निवेशकों (FII) ने 30 जनवरी को ₹2,251 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹601 करोड़ की बिकवाली की थी।
- दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल ₹34,350 करोड़ के शेयर्स बेचे थे। इस दौरान बाजार को संभाल रहे DIIs ने ₹79,620 करोड़ के शेयर खरीदे थे।
30 जनवरी को एशियाई और अमेरिकी बाजार में मिला-जुला रुख था
- जापान का निक्केई 0.099% गिरा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.060% ऊपर बंद हुआ था।
- हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 2.08% गिरा। चीन का शंघाई कंपोजिट 0.96% नीचे बंद हुआ था।
- 30 जनवरी को अमेरिका का डाउ जोंस 0.36% गिरा, नैस्डैक 0.94% गिरकर बंद हुआ था।

(Bureau Chief, Korba)





