Sunday, February 8, 2026

            Stock Market Today: ग्रीनलैंड पर ट्रम्प के कब्जे की जिद का असर, रियल स्टेट सेक्टर में 5% की गिरावट, सेंसेक्स 1066 अंक गिरकर 82180 पर बंद

            मुंबई: आज यानी, मंगलवार 20 जनवरी को सेंसेक्स 1065 अंक (1.28%) गिरकर 82,180 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 353 अंक (1.38%) की गिरावट रही। ये 25,233 के स्तर पर आ गया।

            मार्केट एक्सपर्ट्स बाजार में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद को मान रहे हैं। इसके अलावा तीसरी तिमाही में रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियों के मुनाफे में कमी भी इसका कारण माना जा रहा है।

            सुबह बाजार की शुरुआत सुस्त रही और निफ्टी 100 अंक नीचे 25,500 के करीब ओपन हुआ। शुरुआती कुछ घंटों में बाजार ने खुद को संभालने की कोशिश की, लेकिन दोपहर होते-होते IT, फार्मा और बैंकिंग जैसे सेक्टर्स में बिकवाली तेज हो गई।

            NSE का निफ्टी रियल्टी (रियल स्टेट) इंडेक्स 5% टूट गया। वहीं ऑटो और आईटी इंडेक्स में 2% से ज्यादा की गिरावट आई। इससे पहले 13 मई 2025 को सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा गिरा था। तब ये 1,281 अंक गिरकर 81,148 पर बंद हुआ था।

            ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ा

            बाजार में आई गिरावट की वजह बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितता है। ट्रम्प ग्रीनलैंड को उसके संसाधनों के लिए अमेरिका का हिस्सा बनाना चाहते हैं। यूरोप इसका विरोध कर रहा है। अमेरिका और यूरोप के बीच पैदा हुए नए भू-राजनीतिक तनाव के बाद ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ गया है।

            अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन यूरोपीय सहयोगी देशों से होने वाले आयात पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जो ग्रीनलैंड पर कब्जे का विरोध कर रहे हैं।

            इस स्थिति पर चर्चा करने और जवाबी कार्रवाई पर फैसला लेने के लिए यूरोपीय संघ (EU) के नेता गुरुवार को ब्रुसेल्स में एक इमरजेंसी समिट करने जा रहे हैं।

            ग्लोबल मार्केट में गिरावट

            • एशियाई बाजारों में कोरिया का कोस्पी 0.39% गिरकर 4,885 पर और जापान का निक्केई इंडेक्स 1.11% नीचे 52,991 पर बंद हुआ है।
            • हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.29% नीचे 26,487 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.085% नीचे 4,113 पर बंद हुआ है।
            • 19 जनवरी को अमेरिका का डाउ जोन्स 0.17% गिरकर 49,359 पर बंद हुआ। नैस्डेक 0.062% और S&P-500 0.064% गिरा था।

            अब बाजार से जुड़े 6 जरूरी सवालों के जवाब जानिए

            सवाल 1- ट्रम्प के बयान का भारतीय बाजार पर सीधा असर कैसे पड़ा?

            जवाब: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद और नई टैरिफ नीतियों ने ‘ग्लोबल अनिश्चितता’ पैदा कर दी है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के वीके विजयकुमार के अनुसार, जब अमेरिका जैसा शक्तिशाली देश ट्रेड वॉर या क्षेत्रीय विवाद छेड़ता है, तो विदेशी निवेशक (FIIs) भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश (जैसे गोल्ड और डॉलर) में शिफ्ट करने लगते हैं। इसी डर से आज बिकवाली हुई।

            सवाल 2- यह गिरावट कुछ दिनों की है या लंबी चल सकती है?

            जवाब: मार्केट एक्सपर्ट अमित पाबरी का मानना है कि यह गिरावट इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट आज टैरिफ पर क्या फैसला देता है। अगर ट्रम्प की नीतियां लागू होती हैं, तो बाजार में अस्थिरता अगले कुछ हफ्तों तक बनी रह सकती है। हालांकि, 25,000 (निफ्टी) के पास एक मजबूत सपोर्ट है।

            सवाल 3-निवेशकों को अभी खरीदारी करनी चाहिए या इंतजार?

            जवाब: एक्सपर्ट्स के अनुसार, अभी वेट एंड वॉच की नीति अपनाना बेहतर है। बाजार अभी बॉटम (निचला स्तर) तलाश रहा है। जल्दबाजी में एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय गिरावट रुकने का इंतजार करें। जब बाजार स्थिर होने लगे, तभी क्वालिटी शेयरों में धीरे-धीरे निवेश शुरू करें।

            सवाल 4- रियल एस्टेट सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट क्यों आई?

            जवाब: निफ्टी रियल्टी इंडेक्स आज 5% टूटा। एडलवाइस सिक्योरिटीज के विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक तनाव के कारण ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है। ऊंची ब्याज दरें होम लोन को महंगा बनाए रखेंगी, जिससे घरों की मांग घटने का डर है। इसी वजह से निवेशकों ने सबसे पहले रियल्टी शेयरों में मुनाफावसूली की।

            सवाल 5 – आगे किन ग्लोबल घटनाओं पर बाजार की नजर रहेगी? जवाब: बाजार की नजर मुख्य रूप से दो घटनाओं पर है

            जवाब:

            • अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला: जो आज ट्रम्प के टैरिफ की वैधता पर आना है।
            • US फेडरल रिजर्व की टिप्पणी: वैश्विक अनिश्चितता के बीच ब्याज दरों पर अमेरिका का अगला रुख क्या होगा।

            सवाल 6- आम निवेशक अपनी SIP और पोर्टफोलियो में क्या करें?

            जवाब: वैल्यू रिसर्च के सीईओ धीरेन्द्र कुमार जैसे एक्सपर्ट्स की सलाह है कि SIP को बंद न करें। बाजार की गिरावट में आपको ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं, जो लॉन्ग टर्म में फायदेमंद है। अपने पोर्टफोलियो को बार-बार न देखें और पैनिक सेलिंग (डर में बेचना) से बचें। अनुशासन ही इस बाजार में पैसा बनाने का एकमात्र तरीका है।

            विदेशी निवेशकों ने ₹3,262 करोड़ के शेयर बेचे

            • 19 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹3,262 करोड़ के शेयर बेचे। इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹4,234 करोड़ के शेयर खरीदे।
            • दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल ₹34,350 करोड़ के शेयर्स बेचे थे। इस दौरान बाजार को संभाल रहे DIIs ने ₹79,620 करोड़ के शेयर खरीदे थे।

            कल सेंसेक्स 324 अंक गिरकर बंद हुआ था

            शेयर बाजार में 19 दिसंबर को गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 324 अंक गिरकर 83,246 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 108 अंक की गिरावट रही। ये 25,585 पर बंद हुआ था।


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