Thursday, February 12, 2026

              सुकमा: रिहान्स की सेहत में आई सुधार, रीता ने माना मंत्री लखमा का आभार…

              • मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति लोगों का बढ़ा अस्पताल पर भरोसा

              सुकमा: कैबिनेट मंत्री श्री कवासी लखमा के अथक प्रयासों और जिला प्रशासन के सहयोग से जिला अस्पताल के स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार की गई है। वहीं मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा रही है कि आमजनों को गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले और सभी स्वस्थ रहे। इसी के परिणामस्वरूप सुकमा जैसे क्षेत्र में भी बड़े अस्पतालों की तर्ज पर आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति अस्पताल पर आमजनों का भरोसा भी बढ़ने लगा है। प्रसव सुविधाओं का लाभ लेने गर्भवती महिलाएं संस्था तक पहुंच रही हैं।

              सुकमा विकासखंड के ग्राम पंचायत सोनाकुकानार पुजारीपारा निवासी रीता नाग का बिना देर किए सिजेरियन ऑपरेशन के जरिये बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल कर जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने जच्चा-बच्चा को नवजीवन दिया। समय से पहले जन्मे नवजात शिशु का वजन मात्र 1.100 किलोग्राम था। 20 दिनों तक एसएनसीयू में भर्ती शिशु की 24 घंटे उचित देखभाल और बेहतर इलाज की गई। जच्चा और बच्चा को डॉ. खूबचंद बघेल सहायता योजना और जननी सुरक्षा योजना का लाभ दिया गया। शिशु को स्वस्थ पाकर परिवार में उत्साह है, जिसका नामकरण संस्कार में  रिहान्स नाम रखा गया है। योजना से लाभान्वित रीता ने रिहान्स को नवजीवन मिलने पर शासन-प्रशासन के साथ चिकित्सकों, नर्सों का आभार जताया।

              जन्म के समय मात्र 1.100 किलोग्राम था बच्चे का वजन
              चिकित्सालय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.विवेक केंद्रे व डॉ. इ सुब्रमण्यम ने बताया कि समय से पूर्व जन्मे नवजात शिशु का वजन मात्र 1.100 किलोग्राम था, जिन्हें सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। जिसे जीवन रक्षक दवाई देने के साथ वेंटिलेटर के जरिये कृत्रिम सांस दी गई। 20 दिनों तक एसएनसीयू में भर्ती शिशु की 24 घंटे उचित देखभाल और बेहतर इलाज की गई। सिजेरियन के जरिये बच्चे का जन्म होने से रीता का सेहत भी काफी कमजोर हो चुका था उनका भी बेहतर उपचार किया गया। जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। माह मार्च के वजन परीक्षण में 1.540 किलोग्राम, माह जुलाई के वजन परीक्षण में बच्चे का वजन करीब 4 किलो पाया गया।


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