Monday, April 15, 2024
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छत्तीसगढ़: जरूरतमंदों को समय पर सामाजिक सहायता योजनाओं का मिले लाभ: समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया

  • दिव्यागों और उभयलिंगी समुदाय को पहचान पत्र बनाने लगाएं शिविर
  • मैदानी क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन में लाएं कसावट
  • कोरबा जिले में योजनाओं की संतोषजनक प्रगति नहीं होने पर उप संचालक को निलंबित करने के दिए निर्देश
  • सुकमा, कोण्डागांव और महासमुंद के अधिकारियों को कारण बताओं नोटिस
  • समाज कल्याण मंत्री ने की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा

रायपुर: समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने कहा है कि जरूरतमंदों को समय पर सामाजिक सहायता योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को मैदानी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में कसावट लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी दो माह के भीतर सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति दिखनी चाहिए। लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्रीमती भेंड़िया आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रही थीं।

श्रीमती भेंड़िया ने समीक्षा बैठक में कोरबा जिले में योजनाओं की संतोषजनक प्रगति नहीं पाए जाने और बैठक में अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए विभागीय उप संचालक बेलार मिंज बेक को निलंबित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सुकमा के जिला अधिकारी की अनुपस्थिति, कोंडागांव जिला अधिकारी द्वारा अधूरी जानकारी भेजने पर और महासमुंद के बहु विकलांग गृह के अधीक्षक को संस्था में बच्चों के कम प्रवेश पर भी गहरी अप्रसन्नता व्यक्त की I उन्होंने कोंडागांव और सुकमा के जिलाधिकारी और महासमुंद के बहु विकलांग गृह के अधीक्षक को कारण बताओं नोटिस देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव और संचालक श्री रमेश कुमार शर्मा भी उपस्थित थे।

श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि राज्य सरकार ने निराश्रितों, दिव्यांगों, उभयलिंगी समुदाय के लिए योजनाएं संचालित कर रही है। इसका लाभ सभी जरूरतमंद व्यक्तियों को समय पर मिलना सुनिश्चित करें। राज्य सरकार जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए पैसा खर्च कर रही है, जिसका लाभ लोगों तक पहुंचना चाहिए। अधिकारी बेहतर काम कर के दिखाएं। दो महीने बाद काम-काज की फिर समीक्षा होगी। योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने और अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने शासकीय संस्थाओं में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए तृतीय लिंग समुदाय के प्रशिक्षित व्यक्तियों को लेने पर भी सहमती जतायी।

श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि दिव्यागों और उभयलिंगी समुदाय को पहचान पत्र प्रदान करने के लिए हर 15 दिन में शिविर लगाएं जाएं। लोगों तक शिविर की जानकारी के लिए पर्याप्त प्रचार-प्रसार करें, जिससे लोगों को शिविर की जानकारी मिल सकें। उन्होंने कहा कि दिव्यागों की पहचान और उनकों योजनाओं के लाभ के लिए यूडीआईडी कार्ड बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस पर विशेष ध्यान देकर समय-सीमा में सभी दिव्यांगजन का पहचान पत्र बनाना सुनिश्चित करें। श्रीमती भेंड़िया ने सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत संचालित पेंशन योजना, डोर-टू-डोर सर्वेक्षण, दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरण, शासकीय संस्थाओं के विशेष विद्यालयों में प्रवेश, यूडीआईडी कार्ड वितरण, संस्थाओं को अनुदान, भारतमाता वाहिनी गठन की स्थिति सहित राज्य में संचालित वृद्धाश्रम, प्रशामक देख-रेख गृह और नशामुक्ति केन्द्रों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर सर्वेक्षण की प्रगति का मूल्यांकन करें और काम नहीं कर रही ऐजेंसियों पर कार्यवाही करें।

समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव ने कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों तक विभागीय योजनाओं के माध्यम से मदद के लिए सक्रियता से काम करें। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं से सम्पर्क बढ़ाएं और लोगों तक पहुंचे। संस्थाओं को समय पर अनुदान देने की कार्यवाही पूरी करें ताकि जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि जिन दिव्यांजनों के यूडीआईडी कार्ड बन गए हैं, उन्हें आगामी सात दिनों के भीतर शिविर लगाकर वितरण सुनिश्चित करें। साथ ही चिन्हांकित दिव्यांगजनों के कार्ड जल्द बनवाएं। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के सभी जिलों के अधिकारियों सहित संचालनालय के प्रभारी अधिकारी भी मौजूद थे।

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