Thursday, February 19, 2026

              छत्तीसगढ़ मिलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष गिरफ्तार, ED ने दिल्ली से पकड़ा, 5 दिन की रिमांड पर; कस्टम राइस मिलिंग घोटाले में दूसरी गिरफ्तारी

              रायपुर: छत्तीसगढ़ के कस्टम राइस मिलिंग घोटाले में गुरुवार को ED ने राइस मिलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को गिरफ्तार कर लिया है। रोशन की गिरफ्तारी दिल्ली से की गई है। उन्हें रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 5 दिन की रिमांड पर सौंपा गया है।

              ED की ओर से सुनवाई के दौरान रोशन चंद्राकार की 14 दिन की रिमांड मांगी थी। मामले की अगली सुनवाई 20 मई को होगी। 140 करोड़ के कस्टम राइस मिलिंग घोटाले में यह दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले 30 अप्रैल को ED ने मार्कफेड के पूर्व MD मनोज सोनी को गिरफ्तार किया था।

              रोशन चंद्राकर को रायपुर के स्पेशल कोर्ट से ED दफ्तर ले जाते प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी।

              रोशन चंद्राकर को रायपुर के स्पेशल कोर्ट से ED दफ्तर ले जाते प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी।

              जांच में पता चला था कि एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर लेवी वसूलते और अफसरों को जानकारी देते। जिनसे रुपए नहीं मिलते उनका भुगतान रोक दिया जाता। कारोबारियों के अनुसार, अफसरों को हर काम का पैसा देना पड़ता था।

              मनोज सोनी और रोशन का खेल दो साल से चल रहा था

              कारोबारियों के अनुसार, मनोज सोनी, रोशन चंद्राकर और उनके सहयोगियों का खेल 2 साल से चल रहा था। इसके लिए पूरी टीम बनाई गई थी। टीम में मॉर्कफेड के अफसर और छत्तीसगढ़ स्टेट मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी भी शामिल थे। आरोप है कि कस्टम मिलिंग, डीओ काटने, मोटे धान को पतला करने, पतले धान को मोटा करने, FCI को नान में कंवर्ट करने का पैसा लिया जाता था। 

              इस तरह बनाया गया था वसूली का सिस्टम

              ED की जांच में ये पाया गया कि, तत्कालीन जिला मार्केटिंग ऑफिसर प्रीतिका पूजा केरकेट्टा को मनोज सोनी ने रोशन चंद्राकर के माध्यम से निर्देश दिया था। इसमें कहा गया था कि उन्हीं राइस मिलर्स के बिल का भुगतान किया जाना है, जिन्होंने वसूली की राशि रोशन चंद्राकर को दे दी है।

              किन राइस मिलर्स को भुगतान किया जाना है, इसकी जानकारी संबंधित जिले के राइस मिलर्स एसोसिएशन के जरिए मिलती थी। रोशन चंद्राकर जिन मिलर्स की जानकारी प्रीतिका को देता थे, उनका भुगतान कर बाकी मिलर्स की राशि रोक दी जाती थी।

              कस्टम मिलिंग मामले में हुई भ्रष्टाचार की जांच और मनोज सोनी की गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने राइस मिलर्स को समंस जारी किया है। वहीं, एसोसिएशन से जुड़े कई लोगों ने ED दफ्तर पहुंच कर अपने बयान दर्ज कराए हैं। पूछताछ में सहयोग नहीं करने और समंस के बाद भी नहीं आने वाले अधिकारियों और एसोसिएशन से जुड़े लोगों को जल्द ही ED गिरफ्तार कर सकती है।

              मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

              मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

              अक्टूबर 2023 को छापा मारा था ED की टीम ने

              20 अक्टूबर 2023 को ED ने छापा मारा था। ED ने अपने ऑफिशियल X अकाउंट पर लिखा कि, 20-21 अक्टूबर को मार्कफेड के पूर्व MD, छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स संगठन के कोषाध्यक्ष और कुछ सदस्यों, राइस मिलर्स और कस्टम मिलिंग से जुड़े लोगों के घर पर जांच की गई।

              चावल घोटाले से जुड़ी इस जांच में कई संदिग्ध दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और 1 करोड़ 6 लाख कैश मिला। ED ने इनकम टैक्स की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की। इस जांच के बाद ED की स्थानीय टीम ने प्रतिवेदन दिया और उसके बाद एफआईआर हुई।

              BJP विधायक शिवरतन शर्मा ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा

              6 मार्च 2023 को विधानसभा में बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने कस्टम मिलिंग में प्रति टन 20 रुपए वसूली का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि जो मिलर्स वसूली देते है, उनको ही भुगतान होता है। इसके बाद तत्कालीन मंत्री मोहम्मद अकबर ने सबूत मांगा था और सदन में जमकर हंगामा हुआ था। 


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