ट्रम्प के सलाहकार बोले- भारत रूसी तेल खरीद मुनाफाखोरी कर रहा, इंडियन कंपनी अमेरिकी पैसे से तेल खरीद ऊंचे दाम पर बेचती हैं, इसलिए टैरिफ जरूरी

              वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो ने भारत पर रूस से तेल खरीदकर मुनाफाखोरी का आरोप लगाया है।

              नवारो ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारत सस्ते दाम पर रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है, इंडियन कंपनियां उसे रिफाइन कर महंगे दाम पर दुनिया में बेच रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे रूस को यूक्रेन जंग के लिए पैसा मिल रहा है, जबकि भारत मुनाफा कमा रहा है।

              उन्होंने कहा कि वे हमें सामान बेचकर मिलने वाले पैसे से रूसी तेल खरीदते हैं, जिससे तेल कंपनियां खूब पैसा कमाती हैं। इसलिए टैरिफ लगाना जरूरी है।

              हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जंग की शांति का रास्ता भारत से होकर जाता है। नवारो ने कहा,

              रूसी तेल खरीदने से भारत पर एक्स्ट्रा 25% टैरिफ

              ट्रम्प ने रूसी तेल खरीदने की वजह से भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया है, 27 अगस्त से लागू होगा।

              इससे पहले ट्रम्प जुलाई में भारत पर 25% टैरिफ लगा चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में भारतीय सामान के आयात पर अमेरिका में 50% टैरिफ देना होगा।

              मशहूर अर्थशास्त्री जेफ्री सैक्स ने अमेरिका के भारत पर भारी टैरिफ लगाने के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि यह फैसला अमेरिकी विदेश नीति के लिए नुकसान भरा है।

              इससे पहले अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका-भारत रिश्तों में आई गिरावट को नहीं रोका गया तो यह रणनीतिक गलती होगी।

              हेली ने चेताया कि अगर भरोसा टूटा तो 25 साल की मेहनत खराब होगी। उन्होंने कहा कि भारत को लोकतांत्रिक और अहम साझेदार मानना जरूरी है।

              भारत पहले ही अमेरिकी आरोपों को खारिज कर चुका

              भारत पहले ही यूक्रेन जंग को बढ़ावा देने वाले अमेरिकी आरोपों को खारिज कर चुका है। गुरुवार को रूस में विदेश मंत्री जयशंकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि भारत रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार नहीं है, बल्कि चीन है।

              भारत को रूसी तेल खरीद पर 5% छूट मिल रही

              भारत में रूसी डिप्लोमेट रोमन बाबुश्किन ने 20 अगस्त को बताया था कि भारत को रूस के कच्चे तेल पर करीब 5% की छूट मिल रही है। ।

              भारत, चीन के बाद रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है। यूक्रेन युद्ध से पहले भारत रूस से सिर्फ 0.2% (68 हजार बैरल प्रतिदिन) तेल इम्पोर्ट करता था। मई 2023 तक यह बढ़कर 45% (20 लाख बैरल प्रतिदिन) हो गया, जबकि 2025 में जनवरी से जुलाई तक भारत हर दिन रूस से 17.8 लाख बैरल तेल खरीद रहा है।

              पिछले दो साल से भारत हर साल 130 अरब डॉलर (11.33 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा का रूसी तेल खरीद रहा है।


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