वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का दूसरा कार्यकाल ट्रम्प परिवार के लिए कमाई का जरिया बनता जा रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प सरकार ने पिछले एक साल में जिन-जिन देशों के साथ बड़ी डील्स कीं, उन्हीं से ट्रम्प परिवार का कारोबार भी तेजी से बढ़ा।
ट्रम्प जब दोबारा व्हाइट हाउस पहुंचे, तो उन्होंने पहले कार्यकाल की तरह यह वादा नहीं किया कि उनका परिवार नए अंतरराष्ट्रीय सौदे नहीं करेगा। लेकिन, कभी क्रिप्टो को धोखा बताने वाले ट्रम्प अब खुद क्रिप्टो को बढ़ावा दे रहे हैं। ट्रम्प परिवार का कारोबार अब रियल एस्टेट से आगे क्रिप्टो, एआई, डेटा सेंटर्स तक फैल चुका है।
आलोचकों का कहना है कि ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में राष्ट्रपति पद अमेरिका के लिए कम और परिवार के लिए ज्यादा काम करता दिख रहा है। अप्रैल 2025 में सऊदी समर्थित गोल्फ टूर्नामेंट के दौरान ट्रम्प ने लिखा- ‘यह अमीर बनने का शानदार वक्त है, पहले से भी ज्यादा अमीर।’ वे इसी राह पर चल रहे हैं।
ट्रम्प परिवार का कारोबार 5 सेक्टर में फैला
- क्रिप्टो कारोबार : डोनाल्ड ट्रम्प, स्टीव विटकॉफ (मध्य-एशिया में अमेरिका के विशेष दूत) और उनके बेटे यह कारोबार संभालते हैं। वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल ट्रम्प मेमकॉइन और डब्ल्यूएलएफआई टोकन जारी करती है।
- रियल एस्टेट और ट्रम्प ब्रांड : डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर और एरिक ट्रम्प ट्रम्प ऑर्गेनाइजेशन चलाते हैं। होटल, गोल्फ कोर्स और टावरों के लिए ट्रम्प नाम से लाइसेंस होता है। यह 8 ग्लोबल प्रोजेक्ट बना रही है।
- एआई और टेक निवेश : स्टीव विटकॉफ और डेविड सैक्स एआई और डेटा सेंटर में निवेश देखते हैं। लुटनिक की कंपनी फीस कमाती है। एनवीडिया चिप्स यूएई की जी42 को बेचने से नेटवर्क को फायदा मिला।
- डिफेंस और टेक कॉन्ट्रैक्ट्स : डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर से जुड़ी कंपनियां ड्रोन और रक्षा तकनीक के ठेके संभालती हैं। पेंटागन से एग्रीमेंट मिले हैं। ट्रम्प मीडिया का टीएई टेक्नोलॉजी से ₹49,800 करोड़ रुपए का विलय प्रस्ताव है।
- फाइनेंशियल और निवेश कंपनियां : जैरेड कुशनर एफिनिटी पार्टनर्स चलाते हैं। सऊदी अरब और खाड़ी देशों से हजारों करोड़ जुटाए गए। यह पैसा रियल एस्टेट, टेक और डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में लगाया जा रहा है।

डोनाल्ड ट्रम्प का महंगा और प्रसिद्ध आवास फ्लोरिडा के पाम बीच में स्थित मार-ए-लागो क्लब और एस्टेटहै । यह संपत्ति एक ऐतिहासिक धरोहर है और 2019 से उनका मुख्य निवास स्थान है।
यूएई ने ट्रम्प परिवार के कॉइन खरीदे, कतर ने जेट गिफ्ट किया
- यूएई: मई 2025 में ट्रम्प प्रशासन ने यूएई को अमेरिकी चिप्स बेचने की मंजूरी दी। एनवीडिया चिप्स की बिक्री से अमेरिका को एआई इंफ्रा में बढ़त। दुबई समिट में वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल से 16,600 करोड़ के स्टेबलकॉइन खरीदे, जिससे ट्रम्प परिवार को करोड़ों का मुनाफा।
- सऊदी अरब: 2025 में ट्रम्प ऑर्गेनाइजेशन सरकारी बैक्ड रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स (होटल, टावर और गोल्फ कोर्स) पर बातचीत में रहा। सऊदी हितों से जुड़ी दार ग्लोबल 4 प्रोजेक्ट आगे बढ़ा रही है। नवंबर 2025 में ट्रम्प ने सऊदी क्राउन प्रिंस से सुरक्षा बातचीत की, जिनका संभावित ट्रम्प-ब्रांडेड प्रोजेक्ट से सीधा संबंध बताया गया।
- कतर: 2025 में सरकारी समर्थन वाले ट्रम्प-ब्रांडेड रियल एस्टेट प्रोजेक्ट पर काम हुआ, जिससे परिवार को लाइसेंसिंग फीस से मुनाफा मिला। मई 2025 में कतर ने ट्रम्प के लिए एक लग्जरी बोइंग जेट दिया।
- अल्बानिया: 2025 में इवांका से जुड़ा लग्जरी होटल प्रोजेक्ट मंजूर हुआ, जिससे ब्रांडिंग के जरिए मुनाफा हुआ।
- सर्बिया: ट्रम्प के दामाद जैरेड कुशनर की एफिनिटी पार्टनर्स एक साल के विवाद और जनता के विरोध के बाद ट्रम्प-ब्रांडेड होटल बोली से बाहर हो गई।
- ओमान और मालदीव : 2025 के दौरान ट्रम्प-ब्रांडेड रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स हुए। परिवार को लाइसेंसिंग और ब्रांडिंग फीस से फायदा मिला।
- वियतनाम: 2025 में ट्रम्प परिवार के गोल्फ और होटल प्रोजेक्ट के लिए स्थानीय कानूनों को नजरअंदाज किया गया। इससे ब्रांडिंग के जरिए करोड़ों की कमाई हुई।
- दक्षिण कोरिया: 2025 में डेटा सेंटर निवेश के लिए प्रतिस्पर्धा हुई। इससे एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिला और हॉवर्ड लुटनिक की फर्म के जरिए ट्रम्प नेटवर्क को अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचा।

ट्रम्प की बेटी इवांका और दामाद जैरेड कुशनर अपने बच्चों के साथ।
ट्रम्प ने सालभर में ₹18 हजार करोड़ चंदा लिया
ट्रम्प के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी टीम ने बड़े पैमाने पर चंदा भी जुटाया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की जांच में सामने आया है कि चुनाव के बाद ट्रम्प और उनके करीबियों ने करीब 2 अरब डॉलर (18 हजार करोड़ रुपए) अलग-अलग फंड और योजनाओं के लिए इकट्ठा किए। यह रकम उनके इलेक्शन कैंपेन के लिए जुटाई गई राशि से भी ज्यादा है।
रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी कागजात, फंडिंग रिकॉर्ड और कई लोगों से बातचीत करके पता लगा कि कम से कम 346 बड़े दानदाता ऐसे हैं, जिनमें से हर एक ने 2.5 लाख डॉलर या उससे ज्यादा का चंदा दिया।
इन लोगों से ही करीब 50 करोड़ डॉलर से ज्यादा की रकम आई। इनमें से लगभग 200 दानदाता ऐसे हैं, जिन्हें या जिनके कारोबार को ट्रम्प सरकार के फैसलों से फायदा मिला। इनमें सुंदर पिचाई और सत्या नडेला जैसे 6 भारतवंशी बिजनेसमैन शामिल हैं।
हालांकि रिपोर्ट यह भी कहती है कि यह साबित करना मुश्किल है कि किसी ने पैसा दिया और बदले में सीधा फायदा मिला, लेकिन इतना जरूर है कि पैसे और फायदों का यह रिश्ता सवाल खड़े करता है।

डोनाल्ड ट्रम्प पहली पत्नी इवाना के साथ। इवाना और ट्रम्प के 3 बच्चे हुए। इनमें डोनाल्ड जूनियर, बेटी इवांका और सबसे छोटा बेटा एरिक शामिल हैं।
कई बिजनेसमैन ट्रम्प के साथ विदेश यात्रा पर गए
कम से कम 100 बड़े दानदाता ऐसे हैं जो ट्रम्प के साथ व्हाइट हाउस में निजी डिनर में शामिल हुए, विदेश यात्राओं पर गए और राष्ट्रपति से सीधे मिले। कई बार सरकार की ओर से इन्हें सोशल मीडिया और प्रेस रिलीज में तारीफ के साथ दिखाया गया।
व्हाइट हाउस ने इन सब आरोपों को नकारते हुए कहा है कि ट्रम्प का मकसद सिर्फ देश की भलाई है और दान देने वालों को शक की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई कारोबारी और दानदाता डरते हैं कि अगर उन्होंने पैसा नहीं दिया तो कहीं राष्ट्रपति नाराज न हो जाएं। इसलिए कुछ लोग दान को एक तरह की सुरक्षा भी मानते हैं।

(Bureau Chief, Korba)




