उत्तर प्रदेश: मुरादाबाद में 5 मुस्लिम लड़कियों ने एक हिंदू छात्रा को जबरन बुर्का पहनाया। आरोप है कि कोचिंग से निकलने के बाद उसे सड़क पर घेर लिया। बैग से बुर्का निकाला और पहना दिया। पीड़ित के भाई ने दावा किया कि उसकी बहन से सहेलियों ने कहा कि इस्लाम कबूल करो, किस्मत बदल जाएगी। इसमें बहुत खूबसूरत लगोगी।
पीड़ित और आरोपी लड़कियां एक ही स्कूल में 12वीं में पढ़ती हैं। सभी की उम्र 15-17 साल के बीच है। साथ में कोचिंग भी जाती हैं। घटना 20 दिसंबर की है, लेकिन 22 जनवरी को लड़की के भाई ने थाने में FIR कराई।
पुलिस ने पांचों लड़कियों पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की, तो शुक्रवार को CCTV सामने आया। मामला बिलारी कस्बे के एक मोहल्ले का है। पीड़ित लड़की चौधरी समाज से आती है।
3 तस्वीरों में देखिए पूरी घटना…

5 मुस्लिम लड़कियां बुर्का और हिजाब पहने हुए हैं। वह छात्रा से बात करती हैं। ।

इसी बीच अचानक एक लड़की बैग से बुर्का निकालती है। छात्रा से पहनने के लिए कहती है।

एक मुस्लिम छात्रा उसे बीच सड़क पर बुर्का पहनाती है।
भाई बोला- ‘मेरी बहन का ब्रेनवॉश किया’
हिंदू छात्रा के भाई ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मेरी नाबालिग बहन बिलारी कस्बे के मोहल्ला शाहकुंज कॉलोनी में एक टीचर के घर ट्यूशन पढ़ने जाती थी। मेरे घर से 1.5 किमी की दूरी पर कोचिंग है। बाकी पांचों मुस्लिम छात्राएं भी उसके साथ जाती थीं।
11वीं क्लास में इन लड़कियों से मेरी बहन की दोस्ती थी। सभी मोहल्ले और आसपास की थीं, तो स्कूल और ट्यूशन साथ में जाती थीं। छात्राओं ने मेरी बहन का ब्रेनवॉश करना शुरू कर दिया। पांचों उसे बार-बार इस्लाम धर्म कबूल करने के लिए उकसाती रहती थीं। उसके मन में हिंदू धर्म के प्रति घृणा पैदा करने की कोशिश की।
मेरी बहन उनके झांसे में आ गई। मेरी बहन घरवालों की बातें भी नहीं सुनती थी। मना करने के बाद भी उन्हीं मुस्लिम लड़कियों के साथ ही स्कूल और कोचिंग जाती थी। 20 दिसंबर को मुस्लिम लड़कियां ट्यूशन से निकलीं। इसके बाद रास्ते में मेरी बहन को बुर्का पहनाया।

लड़कियां गली में देखती रहती हैं कि कोई आ न जाए, तभी किसी के आने से वह आगे बढ़ जाती हैं।
‘घटना के पीछे जरूर कोई गहरी साजिश’
भाई ने कहा, “इस पूरी घटना के पीछे जरूर कोई गहरी साजिश है। कोई इस्लामिक संगठन छात्राओं को आगे करके हिंदू नाबालिग लड़कियों को बरगलाकर धर्मांतरण की मुहिम चला रहा है, जिसकी जांच कर उसके खिलाफ कार्रवाई करना आवश्यक है।”
“उसने बताया कि ट्यूशन टीचर ने सबसे पहले बहन को बुर्का पहनाने की जानकारी दी थी। जब उसने बहन से पूछा तो उसने कुछ नहीं बताया। उसका ब्रेनवॉश हो चुका था। बाद में धीरे-धीरे उसने पूरी कहानी बताई। इसके बाद 22 जनवरी को FIR करवाई।”
घटना को लेकर हिंदू संगठनों में भी आक्रोश
घटना को लेकर हिंदू संगठनों में भी आक्रोश है। संगठनों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि स्कूलों को धर्मांतरण के साए से दूर रखा जा सके।
एसपी ग्रामीण कुंवर आकाश ने बताया-
शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के एक सीनियर अफसर ने कहा, “जांच में दोषी पाए जाने पर सभी लड़कियों को गिरफ्तार करके जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। न्यायिक अभिरक्षा में शांति निकेतन या बाल सुधार गृह भी भेजा जा सकता है। अधिकतम 5 साल की सजा और 15 हजार रुपए का जुर्माना हो सकता है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन है कि 7 साल से कम सजा वाले अपराध में गिरफ्तारी न की जाए, लेकिन पुलिस चाहे तो विशेष परिस्थितियों में गिरफ्तार कर सकती है।

(Bureau Chief, Korba)





