चमोली: उत्तराखंड में शुक्रवार को बद्रीनाथ से देहरादून आ रहा एक प्राइवेट कंपनी का हेलिकॉप्टर जोशीमठ के पास क्रैश हो गया। हादसे में पायलट समेत 6 लोगों की मौत हो गई। सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं।
हेलिकॉप्टर ने दोपहर करीब 1:14 बजे बद्रीनाथ से देहरादून के सहस्रधारा के लिए उड़ान भरी थी। जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान उसका संपर्क टूट गया। इसके बाद ट्रैकिंग सिस्टम पर भी उसकी लोकेशन मिलनी बंद हो गई।
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब उत्तराखंड के कई इलाकों में खराब मौसम बना हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हो रही है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर दुख जताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी।
केंद्र सरकार के मुताबिक, 2016 और 2026 के बीच उत्तराखंड में 13 हेलीकॉप्टर हादसे हुए, जिनमें 27 लोगों की मौत हुई।
4 तस्वीरें देखिए…

हादसे के दौरान पहाड़ पर मौजूद लोगों ने हेलिकॉप्टर के नीचे गिरने की यह तस्वीर ली।

दूसरे हेलिकॉप्टर से हादसे वाली जगह को आइडेंटिफाई किया गया।

नीचे गिरने के बाद हेलिकॉप्टर में आग लग गई। हादसे के बाद मौके पर बिखरा मलबा।

हादसे वाली जगह पर पड़ा हेलिकॉप्टर का पिछला हिस्सा।
2 हेलिकॉप्टर की मदद से मलबा ढूंढा गया
आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी के मुताबिक, जेपी डैम के ऊपर जंगल में सफेद रंग की किसी चीज में आग लगने की सूचना मिली थी। इसकी जांच के लिए दो हेलिकॉप्टर भेजे गए थे।
लापता हेलिकॉप्टर ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का था। इसमें पायलट कैप्टन हिमांशु के अलावा 5 यात्री सवार थे। इनमें प्रतापा, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के. और एचएस नटराज शामिल हैं। यात्री बेंगलुरु के बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद एहतियात के तौर पर ट्रांस भारत एविएशन के सभी हेलिकॉप्टरों की उड़ानें रोक दी गई हैं।

हादसे के बाद प्रशासन की टीम हेलिकॉप्टर की तलाश करती हुई।
देशभर में 5 साल में 12 हेलिकॉप्टर हादसे, 30 मौतें
केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने 28 जुलाई 2025 को राज्यसभा में बताया था कि 2020 से 2025 के बीच देशभर में हेलिकॉप्टर से जुड़े 12 बड़े हादसे हुए, जिनमें 30 लोगों की जान चली गई। हालांकि, यह आंकड़ा 2020 से 2025 तक का है।

(Bureau Chief, Korba)





