पश्चिम बंगाल: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ी, भवानीपुर पास रखेंगे, विधानसभा में विधायक पद की शपथ ली; सरकार ने धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर पर रोक लगाई

              कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को नवनिर्वाचित विधायकों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट पास रखी और नंदीग्राम सीट छोड़ने का फैसला किया। सुवेंदु ने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराया है।

              शपथ लेने के बाद सुवेंदु ने पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक की। इसमें निर्देश दिया कि राज्य में सभी धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं होगा। नियम नहीं मानने पर हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन माना जाएगा।

              भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कहा लाउडस्पीकर पर रोक का आदेश ममता बनर्जी की सरकार के दौरान हाईकोर्ट ने दिया था, लेकिन ममता की सरकार में धार्मिक गतिविधियों के लिए माइक पर कोई रोक नहीं थी।

              सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।

              सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।

              महिला सुरक्षा पर भी दिए निर्देश

              सरकार ने महिला सुरक्षा और राज्य में चुनाव के बाद होने वाली हिंसा, गुंडागर्दी व रंगदारी पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया है। महिलाओं के खिलाफ हुए अपराध, खासकर 2021 और 2024 के चुनाव के बाद दर्ज हुए रेप, रेप के प्रयास और छेड़छाड़ के मामलों को दोबारा खोला जाएगा। जरूरत पड़ने पर 2021 की हिंसा की उन शिकायतों की फिर से जांच होगी, जो केवल जनरल डायरी में दर्ज की गई थीं।

              विधानसभा में एंट्री से पहले सुवेंदु ने झुककर प्रणाम किया

              विधानसभा परिसर में पहली बार एंट्री करने से पहले सुवेंदु ने मुख्य द्वार पर अपनी चप्पल उतारी और रेड कार्पेट पर झुककर प्रणाम किया।

              विधानसभा परिसर में पहली बार एंट्री करने से पहले सुवेंदु ने मुख्य द्वार पर अपनी चप्पल उतारी और रेड कार्पेट पर झुककर प्रणाम किया।

              राज्यभर में हटेंगे अवैध वसूली केंद्र

              पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल ने बुधवार को बिना सरकारी मंजूरी चल रहे सभी टोल गेट, ड्रॅाप गेट और बैरिकेड को बंद करने का निर्देश दिया। सभी जिला प्रशासन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध वसूली केंद्रों की पहचान कर उन्हें तुरंत हटाने के आदेश दिए। साथ ही राज्य के सभी वैध और अवैध टोल केंद्रों की सूची तैयार कर 15 मई दोपहर 12 बजे कर अंडर सेक्रेटरी को सौंपने के आदेश दिए।


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