Saturday, April 20, 2024
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बाथरूम के शावर से लटकी मिली महिला… ऑस्ट्रेलिया से आरोग्य मंदिर में इलाज कराने आई थी, परिजन बिना पोस्टमार्टम नेपाल ले गए शव

उत्तरप्रदेश: गोरखपुर में सोमवार को एक महिला की लाश बाथरूम के शावर में लटकी मिली। उसका शव तौलिया के सहारे लटका हुआ था। महिला 10 दिन पहले ऑस्ट्रेलिया से आरोग्य मंदिर में इलाज कराने आई थी। आशंका है कि उसने सुसाइड किया है। पुलिस ने मौके पर जांच पड़ताल की। परिजन बिना पोस्टमार्टम के शव नेपाल लेकर चले गए हैं।

परिवार के लोगों ने बताया, लक्ष्मी भट्टराई पहले अपने बेटा-बहू के साथ ऑस्ट्रेलिया रहती थीं। वह स्पोर्ट्स की अच्छी खिलाड़ी थीं। 10 दिन पहले ही वह ऑस्ट्रेलिया से भैरहवा आईं और फिर वहां से इलाज कराने गोरखपुर आरोग्य मंदिर आ गईं। परिजनों ने बताया कि वह कुछ महीने से वह डिप्रेशन में चल रहीं थीं। ऐसे में यहां पहुंचने के बाद उनका आरोग्य मंदिर में प्राकृतिक इलाज चल रहा था।

डिप्रेशन का चल रहा था प्राकृतिक इलाज
सोमवार की सुबह लक्ष्मी पार्क में मॉर्निंग वॉक करने के बाद परिसर में ही बैठकर चाय- नाश्ता किया। उसके कुछ देर बाद वो अपने कमरे में चली गईं। करीब एक घंटे बाद किसी काम से परिवार के लोग कमरे में पहुंचे तो देखा कि बाथरूम का दरवाजा खुला हुआ है। जबकि, लक्ष्मी बाथरूम में ही शॉवर से लटकी हुई हैं। यह देख परिजन शोर मचाने लगे।

यह फोटो मृतक महिला के परिजनों की है। घटना से वो सदमे में हैं।

बिना पोस्टमार्टम कराए शव लेकर नेपाल चले गए परिजन
मंदिर परिसर में मौजूद लोग भी वहां पहुंच गए। आनन-फानन में परिवार के लोगों ने शव नीचे उतारा और एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां, डॉक्टरों ने चेकअप के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिर परिजन दोबारा शव लेकर आरोग्य मंदिर पहुंचे।

जिसके बाद आरोग्य मंदिर के निदेशक विमल मोदी ने शाहपुर पुलिस सूचना दी। पुलिस पहुंची तो परिजन ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने लिखा- पढ़ी कर शव को परिजनों को सौंप दिया।

रिश्तेदारों के कहने पर आईं थीं आरोग्य मंदिर
नेपाली महिला के साथ आए परिजनों ने बताया कि नेपाल के कई लोग आरोग्य मंदिर में प्राकृतिक इलाज से ठीक हो गए हैं। उन्हीं लोगों के बताने पर महिला ऑस्ट्रेलिया से भैरहवा एयरपोर्ट आईं फिर सीधे गोरखपुर आरोग्य मंदिर में आकर इलाज करा रही थीं। महिला की दो बहने और भतीजा भी उनके साथ आए थे। सभी आरोग्य मंदिर के प्रथम तल पर कमरा नंबर 33 में रह रहे थे।

इंस्पेक्टर शाहपुर मनोज कुमार पाण्डेय ने बताया कि महिला कुछ दिनों से डिप्रेशन में चल रही थी। इसी का इलाज चल रहा था। डिप्रेशन में ही उसने खुदकुशी की है। महिला के परिवार के लोग शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, इसलिए पंचनामा कराकर शव परिजनों को दे दिया गया है।

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