Sunday, March 1, 2026

              गौठानों से महिलाएं हो रही है सशक्त, आर्थिक लाभ से बेहतर हो रहा जीवन…

              बलरामपुर: शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना आज लोगों के कई सपनों को साकार कर रही है। इस योजना से पशुपालकों को गोबर विक्रय के माध्यम से अतिरिक्त आमदनी मिल रही है, साथ ही साथ वर्मी कम्पोस्ट खाद निर्माण के द्वारा भी आय अर्जन किया जा रहा है। इन योजनाओं के शुरू होने से महिलाओं को स्वरोजगार का नया अवसर मिला है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के गौठानों में संचालित आजीविकामूलक गतिविधियों से स्व-सहायता समूह की महिलाओं को जोड़ा गया है, आज ये महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर  दूसरों के लिए प्रेरणा बनीं हैं।

              महिलाएं अपनी सफ़लता की कहानी बताते हुए कहती हैं कि गौठान में संचालित विभिन्न प्रकार की गतिविधियों ने उनकी जिंदगी बदल दी है, वे बताती है कि आर्थिक रुप से मजबूत होकर सक्षम होना बहुत ही सुखद अनुभव है। ऐसा ही एक उदाहरण पेश कर रही हैं गोदावरी महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं, जो वर्मी कंपोस्ट बनाने का कार्य कर रहीं हैं। वर्मी कम्पोस्ट बनाने वाली समूह की प्रतिभा सिंह, रूकमणी सिंह एवं संजना सिंह बताती हैं कि शासन की मदद से आय अर्जन करने से आज उनका सपना पूरा हो रहा है। समूह द्वारा वर्मी तथा सुपर कम्पोस्ट खाद का निर्माण और विक्रय गौठान में किया जा रहा है। उन्होंने अब तक कुल 1 लाख 18 हजार 354 रुपए का लाभ प्राप्त किया है। जिससे समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूती मिली है तथा उनके परिवारों में समृद्धि आई है। गौठान में वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन करने वाली गोदावरी महिला स्व-सहायता समूह की रूकमणी बताती हैं कि वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन करने तथा इससे प्राप्त आय से घर का खर्च चलाने, बच्चों को अच्छी शिक्षा देने तथा स्वास्थ्य उपचार में किया है। इसी प्रकार प्रतिभा सिंह ने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट निर्माण से तथा इससे प्राप्त हो रही आमदनी की सहायता से  घर के दैनिक खर्चे में एवं बच्चों को अच्छी स्कूली शिक्षा दिलाने के साथ ही एक गाय की खरीदी भी की है जिसका दूध एवं गोबर बेचकर अच्छी आमदनी प्राप्त हो जाती है। समूह की अन्य महिलाओं के जीवन में भी गौठान गतिविधियों के द्वारा अतिरिक्त आय होने से खुशहाली आयी है। गौठान में गोबर विक्रय करने वाले सुखू राम ने बताया कि उन्होंने अब तक गौठान में 235 क्विंटल गोबर का विक्रय किया है जिससे उन्हें लगभग 47 हजार की आमदनी प्राप्त हुई है। उन्होंने उन रुपयों से घर का खर्च, बच्चों की शिक्षा तथा अपने खेत में मक्के की खेती करने में सहायता मिली है। गौठान में गोबर बेचने वाली महिला प्रतिभा सिंह ने बताया कि गौठान में लगभग 185 क्विंटल गोबर का विक्रय किया है जिससे उसे कुल 37 हजार रुपये की आमदनी हुई है। उन्होंने उन पैसों का उपयोग घर के पास इलेक्ट्रॉनिक दुकान के संचालन तथा बच्चों की अच्छी शिक्षा में किया है।


                              Hot this week

                              Related Articles

                              Popular Categories