Tuesday, May 28, 2024
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छत्तीसगढ़: 35 लाख का फर्जीवाड़ा, बैंक मैनेजर गिरफ्तार.. बगैर पंजीयन के बेच दिया धान, बोनस और KCC के पैसे भी निकाले; 7 आरोपी फरार

मुंगेली: जिले के लोरमी स्थित जिला सहकारी बैंक में 14 बैगा आदिवासियों के नाम से हुए 35 लाख के फर्जीवाड़ा मामले में तत्कालीन बैंक मैनेजर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी रविकांत वैष्णव को बिलासपुर के सीपत इलाके से पकड़ा है। रविकांत वैष्णव सीपत के धनियामाला शाखा में पदस्थ था।

जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2019 – 20 में लोरमी के खुड़िया क्षेत्र में रहने वाले 14 बैगा आदिवासियों के नाम से बिचौलियों के साथ मिलीभगत कर 3 तत्कालीन बैंक मैनेजर ने बड़े फर्जीवाड़े की घटना को अंजाम दिया था। इस पूरे घटनाक्रम को एक से डेढ़ साल में अंजाम दिया गया। हैरान करने की बात ये है कि इसमें अलग-अलग समय में पदस्थ बैंक मैनेजर भी शामिल रहे थे।

बताया गया कि 14 बैगा आदिवासियों के नाम से बगैर पंजीयन के ही इनके खातों से न सिर्फ खुड़िया धान खरीदी केंद्र में धान की बिक्री की गई। बल्कि धान बेचने के बाद मिले पैसों को और बोनस की लाखों रुपयों की राशि को भी बैंक अधिकारियों ने मिलीभगत कर निकाल लिया था। साथ ही इन आदिवासियों के नाम से फर्जीवाड़ा कर केसीसी लोन भी निकाला गया। कुल मिलाकर 35 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया था। किसान जब पैसे निकालने गए बैंक गे थे। तब ये मामला खुला था।

पूरे मामले की शिकायत 14 बैगा आदिवासियों के द्वारा कलेक्टर से की गई थी। जिस पर तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर एक जांच टीम का गठन किया गया था। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर वर्तमान कलेक्टर राहुल देव ने इस मामले में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की लोरमी शाखा के तीन तत्कालीन बैंक मैनेजर जिनके नाम रविकांत वैष्णव,गौकरण चतुर्वेदी,हरीश कुमार वर्मा और पासिंग लिपिक सुखदेव बंजारा के खिलाफ आरोप साबित होने पर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा 5 बिचौलिए जिनके नाम अनिल पटेल,बंटी जायसवाल, राजकुमार केशरवानी,लेखराम श्रीवास औऱ सतीश जायसवाल भी रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए थे।

कलेक्टर के निर्देश पर वर्तमान बैंक मैनेजर संतोष कौशिक ने लोरमी थाना में 9 लोगों के खिलाफ फर्जीवाड़ा की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले में लोरमी थाना पुलिस ने 30 अक्टूबर को एक बिचौलिए अनिल पटेल को पहले ही बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया। जबकि दूसरे आरोपी रविकांत वैष्णव को गुरुवार को बिलासपुर से गिरफ्तार किया गया। बाकी के 7 आरोपी अभी भी फरार हैं।

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