Tuesday, May 28, 2024
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BCC News 24: CG न्यूज़- सहकारी बैंक में 40 करोड़ का घोटाला.. पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र पांडेय सहित 14 के खिलाफ रिकवरी के आदेश, साल 2013-14 में भवन निर्माण से लेकर गार्ड की नियुक्ति समेत कई कामों में अनियमितता

बिलासपुर: सहकारी केंद्रीय बैंक में आठ साल पहले 40 करोड़ के घोटाले के मामले में पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र पांडेय सहित 10 पदाधिकारियों के खिलाफ रिकवरी का निर्णय लिया गया है। सहकारी संस्था पंजीयक के आदेश के बाद बैंक प्रबंधन की ओर से सभी तत्कालीन संचालक मंडल को नोटिस जारी किया गया है। फिलहाल मामले में किसी ने पैसा जमा नहीं किया है, लेकिन जांच और ऑडिट रिपोर्ट में जिस तरह की बातें लिखी हैं उससे यह साफ है कि तब गबन करने की नीयत से सारा खेल रचा गया।

मीडिया के पास सहकारी संस्था के आदेश की वह कॉपी मौजूद है, जिनमें में तरह तरह से आर्थिक अनियमितता करने और नियमों को तोड़ने की बात लिखी गई है। पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र पांडेय सहित पूर्व के सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों का नाम भी इस सूची में शामिल है, जिन्होंने पांडेय के कहने पर गलत तरीके से ना सिर्फ पैसे खर्च किए हैं, बल्कि बैंक की शाखा में बिल्डिंग निर्माण, गार्ड की नियुक्ति, किसानों के हित में आने वाले पैसों की हेरफेर और दूसरी बातें अंकित है। रिकवरी आदेश के बाद बैंक ने मामला बढ़ा दिया है। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही इसमें आगे की कार्रवाई तय होगी।

ऐसे किया गया फर्जीवाड़ा
1.
 सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखा अकलतरा में बिल्डिंग निर्माण के दौरान एक करोड़ 35 लाख रुपए की आर्थिक अनियमितता उजागर हो गई है। सीपत की शाखा में में साल 2011 से 14 के बीच बनी बिल्डिंग में एक करोड़ 80 लाख की अनियमितता सामने आई है।

2. सहकारी संस्था के उप पंजीयक ने जांच रिपोर्ट में पाया कि यहां पदस्थ चार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिनमें राजेंद्र शर्मा, अमित शुक्ला, शशि भूषण सिंह का मूल पद शाखा प्रबंधक का था। जिन्हें गलत तरीके से सीईओ बनाकर बैंक को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। जांच रिपोर्ट में इस पर विशेष टिप्पणी की गई है।

इनके नाम पर की गई आर्थिक अनियमितता
दो शाखा भवन निर्माण एवं उन्नयन में आर्थिक गड़बड़ी। 17 शाखा भवन निर्माण,7 अहाता निर्माण एवं 4 किसान विश्राम में चला पैसों का खेल। बैंक वाहन व किराए के वाहन संबंधी खर्च में 3 करोड़ 57 लाख की आर्थिक अनियमितता। दैनिक वेतन में कर्मचारी नियुक्ति, संविदा में कर्मचारी नियुक्ति, बैंक एवं शाखाओं के सुरक्षा कार्यों 3 करोड़ 58 हजार की गफलत सामने आ चुकी है। एसी खरीदी, स्ट्रांग रूम चेस्ट खरीदी, नोट काउंटिंग मशीन खरीदी में भी गड़बड़ी सामने आने के बाद उसकी रिकवरी बढ़ाई जा रही है।

जानिए, किन 14 पदाधिकारियों से होगी वसूली
वसूली की सूची में पहला नाम देवेंद्र पांडेय का है, जो बैंक के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके बाद ऊषा देवी राजपूत, पूर्व उपाध्यक्ष, मनहर लाल गुप्ता, महेंद्र देवांगन, संतोष कुमार यादव, उमा शंकर शर्मा, लखन लाल राठौर, माधोराम कश्यप, अंजोरदास महंत, शिवनारायण बघेल,(सभी बैंक के पूर्व संचालक), राजेंद्र शर्मा, पूर्व कार्यपालन अधिकारी, शशि भूषण सिंह, पूर्व कार्यपालन अधिकारी, अमित शुक्ला, पूर्व कार्यपालन अधिकारी और शशि शुक्ला, पूर्व सहायक यंत्री का नाम है।

नोटिस दे रहे हैं
साल 2013-14 के आर्थिक अनियमितता मामले में पंजीयक का आदेश आने के बाद उसे बोर्ड के समक्ष लाया गया। उसके बाद ही उस समय के पूर्व अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों को वसूली का नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों के निर्देश का पालन किया जाएगा। – श्रीकांत चंद्राकर , सीईओ, सहकारी बैंक, बिलासपुर

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