CG NEWS: राज्यपाल से गुहार-बेटी से मिलवा दो वरना इच्छा मृत्यु दो… महिला का आरोप- पति ने मारपीट की, फिर धक्के मारकर घर से निकाला, कहा- जाकर बच्चा कोर्ट से ले

            रायपुर: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के पास एक महिला ने अपनी 5 साल की बेटी से मिलने के लिए गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि उन्हें उनकी बेटी से मिलवा दो वरना इच्छा मृत्यु दे दो। शिकायत में महिला ने अपने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए है। जिसमें उन्होंने पति पर मारपीट कर धक्के मार कर घर से निकालने की बात कही है।

            साथ ही महिला का आरोप है कि उसका पति 5 साल की बेटी को उससे मिलने नही दे रहा और बच्ची दहशत में जिंदगी जी रही है। हालांकि पति-पत्नी के बीच इस पूरे विवाद की सुनवाई अभी रायपुर कोर्ट में जारी है।

            महिला ने राज्यपाल और पुलिस SP को पत्र लिखा है।

            महिला ने राज्यपाल और पुलिस SP को पत्र लिखा है।

            पूरा मामला, जानिए

            रायपुर के बैरनबाजार PWD कॉलोनी की रहने वाली राखी सिन्हा ने बताया कि उनके पति अभिनव श्रीवास्तव के साथ शादी के कुछ समय बाद से लड़ाई झगड़ा चालू हो गया। 19 अक्टूबर को मेरे पति की एक निकट संबंधी के कारण घर में लड़ाई झगड़ा हुआ। फिर उन्होंने मेरे साथ मारपीट किया और घर से धक्के मार कर बाहर निकाल दिया। उन्होंने 5 साल की बेटी को अपने कस्टडी में रख लिया है। वे उसे लेकर अपने रिश्तेदार के यहां रह रहे है।

            शुरुआत में बेटी से मिलने से मना किया

            आगे पीड़ित महिला ने बताया कि इस घटना के बाद मेरे पति मुझे बेटी से मिलने नही दे रहे थे। वे यही अपने रिश्तेदार के यहां रह रहे थे इस बात कि मुझे जानकारी भी नहीं थी। कुछ दिन बाद मुझे ये बात कहीं से पता चला। लेकिन बेटी से मुलाकात नही हो सकी। मैं लगातार अपनी बेटी से मिलने के लिए तिल-तिल कर तड़प रही थी।

            महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया

            इसके बाद महिला ने महिला आयोग और महिला थाना का दरवाजा खटखटाया। जिससे महिला आयोग ने पति को बेटी से हर 15 दिन में मुलाकात करवाने का आदेश दिया। महिला ने अपनी बेटी से हर दिन फोन में बात करने की इच्छा जाहिर की। लेकिन आयोग ने इस संबंध में कोई निर्णय नही दिया।

            सरेआम अज्ञात लोगों ने दी महिला को धमकी

            राखी ने कहा कि उनका मामला एसडीएम कोर्ट में लंबित है। जिसमें 28 दिसंबर को सुनवाई होनी है। महिला का आरोप है कि इस सुनवाई के पहले ही बीतें 10 दिनों से उन्हें सरेआम अज्ञात लोग धमकी दे रहे हैं। वे कह रहे हैं कि तू अभिनव साहब का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। उनकी बहुत पहचान है। उनके रिश्तेदार उच्च पदों पर बैठे हुए है। उनकी सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट, राज्यपाल और पुलिस के बड़े अफसरों से पहचान है। तुझे बच्चा हासिल नहीं होगा।

            बच्ची को मेरे खिलाफ भड़का रहे है

            महिला ने कहा कि आज मेरी बेटी को भी वे लोग मानसिक रूप से परेशान कर रहे है। उसे मेरे खिलाफ भड़का रहे हैं। जिससे वह बहुत ज्यादा दहशत में है। बहुत डरी सहमी है। आगे उन्होंने कहा कि उन्हें उनका बच्चा चाहिए। वे उसके बिना जिंदा नही रह सकती। उन्हें न्याय चाहिए।

            पति बोल रहा-कोर्ट से ले लो, लेकिन सालों तक मामला चलेगा

            महिला ने बताया कि जब उन्होंने अपने पति से बच्चे की कस्टडी सौंपने की बात कही। तो उसका पति बोल रहा है कि कोर्ट से ले लो। महिला का कहना है कि कोर्ट में मामला महीना सालों तक पेंडिंग रहता है। आखिर मैं कब तक अपने बच्चे से दूर रह पाऊंगी।

            राज्यपाल से इच्छा मृत्यु की मांग

            इस मामले में महिला ने राज्यपाल को भी लेटर दिया है। जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी बच्ची से उन्हें रोज बात नहीं कराया जा रहा है। अपनी बेटी के बिना वो नही रह सकती। उन्होंने निवेदन किया है कि उनकी बेटी को उन्हें वापस दिलवाया जाए। वरना उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति दे दी जाए। इस संबंध में उन्होंने रायपुर पुलिस अधीक्षक को भी पत्र सौंपा है।


                          Hot this week

                          कोरबा: पक्के घर में सुरक्षित हुआ सीमा सिंह का परिवार

                          प्रधानमंत्री आवास योजना से बारिश की चिंता से मिली...

                          रायपुर : सोया पनीर निर्माण से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहीं बद्रिका पारस चन्द्रा

                          प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना ने बदले सपने...

                          Related Articles

                          Popular Categories