Sunday, January 11, 2026

              रायपुर में रजिस्ट्री का नया सिस्टम चालू… जमीन के दस्तावेज अपलोड करते ही मॉनीटर पर दिख रहा किसके नाम और ​पिछली बार कब बिकी

              रायपुर: रजिस्ट्री में सभी तरह के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए राज्य के करीब आधा दर्जन जिलों के साथ अब राजधानी में भी नया एनजीडीआरएस सिस्टम चालू कर दिया गया है। अभी इस सिस्टम से आरंग और तिल्दा-नेवरा में रजिस्ट्री की जा रही है। रायपुर में पांच उपपंजीयक में ट्रायल के तौर पर केवल एक के पास ही रजिस्ट्री शुरू की गई है। इस नए सिस्टम में जमीन के दस्तावेजों को ऑन लाइन अपलोड करते ही उसका पूरा रिकार्ड मॉनीटर पर दिख रहा है। इससे ये पता चल रहा है कि जमीन किसके नाम पर है और पिछली बार कब बिकी है। इस जानकारी के सामने आने से एक ही जमीन को बार-बार बेचने वाला फर्जीवाड़ा भी नहीं होगा।

              हालांकि अभी नया सिस्टम धीमा चल रहा है। 15 से 18 जनवरी तक करीब 10 ही रजिस्ट्री हो पाई है, जबकि पुराने सिस्टम में एक उप-पंजीयक एक दिन में 50 रजिस्ट्री करते हैं। इसी तरह आरंग और तिल्दा में भी तीन दिन में 15 से 20 ही रजिस्ट्री हो पाई। अफसरों का दावा है कि एनजीडीआरएस (नेशनल जेनेरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम) लागू होने के बाद एक ओर जहां रजिस्ट्री में होने वाला फर्जीवाड़ा खत्म हो जाएगा। वहीं रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोगों को दस्तावेज उसी दिन मिलेंगे। पुराने सिस्टम में रजिस्ट्री के चार से पांच दिन बाद दस्तावेज मिलते हैं।

              बढ़ेगा रजिस्ट्री का खर्च

              पुराने सिस्टम से रजिस्ट्री होने पर लोगों को एक पेज के लिए 20 रुपए शुल्क लिया जाता है, लेकिन अभी नए सिस्टम से रजिस्ट्री होने पर एक पेज का 60 रुपए अतिरिक्त देना होगा। एक रजिस्ट्री में औसतन 10 पेज होते हैं। ऐसे में रजिस्ट्री कराने वालों को औसतन 400 रुपए का अतिरिक्त खर्च लगेगा। एनजीडीआरएस सिस्टम से शुरुआत में अभनपुर, महासमुंद और धमतरी में अब तक 45 हजार से ज्यादा दस्तावेजों का पंजीयन किया जा चुका है। 31 मार्च के बाद सभी जिलों में अनिवार्य रूप से सिस्टम लागू हो जाएगा।

              सिस्टम ऐसे काम करेगा

              नया सिस्टम https// www.ngdrs.cg.gov.in/ NGDRS_CG की वेबसाइट में सिटीजन पार्ट में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के बाद सिटीजन के ऑप्शन पर लॉगइन करना होगा। इसमें उपलब्ध फार्म में जैसे ही प्रॉपर्टी की जानकारी दी जाएगी उसका बाजार मूल्य, स्टांप एवं पंजीयन शुल्क मॉनिटर पर दिख जाएगा। इसके बाद पक्षकारों द्वारा पंजीयन के लिए सुविधानुसार समय एवं तारीख का चयन कर ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट लेना होगा। जो तारीख मिलेगी उसमें रजिस्ट्री दफ्तर में जाकर मूल दस्तावेज दिखाकर रजिस्ट्री कराई जा सकेगी। सभी दस्तावेजों की जांच मौके पर ही होने की वजह से रजिस्ट्री भी उसी दिन मिल जाएगी।

              रायपुर समेत राज्य सभी पंजीयन दफ्तरों में एनजीडीआरएस सिस्टम मार्च-2024 के पहले अनिवार्य रूप से लागू हो जाएगा। अभी देशभर के 11 राज्यों में इसी सिस्टम से रजिस्ट्री हो रही है। सिस्टम में बेहतर तरीके से काम हो इसलिए विभाग के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। -धर्मेश साहू, महानिरीक्षक पंजीयन विभाग


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