Saturday, February 21, 2026

              बिलासपुर : शराब घोटाला केस में पूर्व IAS अनिल टुटेजा व बेटे को हाईकोर्ट से मिली राहत, EOW की कार्रवाई पर अंतरिम रोक, जवाब के लिए शासन को दो सप्ताह की मोहलत

              बिलासपुर: प्रदेश में हुए 6 हजार करोड़ रुपए शराब घोटाले के केस में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। शराब घोटाला मामले में उनके खिलाफ EOW की एफआईआर पर हाईकोर्ट के जस्टिस एनके चंद्रवंशी ने अंतरिम राहत देते हुए दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। इस दौरान शासन की तरफ से दो सप्ताह का समय मांगा, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

              छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के कार्यकाल में शराब घोटाला मामला सामने आया था। ईडी ने इस मामले में कार्रवाई की, जांच में पाया कि, राज्य सरकार की सरकारी दुकानों से ही नक़ली होलोग्राम वाली शराब बेची गईं। ईडी के अनुसार इस घोटाले में अनवर ढेबर ने आबकारी अफसर अरुण पति त्रिपाठी के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह संचालित किया, जिसके प्रभाव के आगे पूरा सरकारी तंत्र (आबकारी विभाग) बेबस था।

              ईडी की कार्रवाई में अनवर ढेबर और और भूपेश सरकार में प्रभावशाली अधिकारी अनिल टुटेजा से मिलीभगत होने का भी दावा किया गया है। ईडी ने जब केस में आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू की, तब कई अधिकारी व बड़े लोग सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी।

              दरअसल, कुछ समय पहले ACB और EOW ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर बड़ी कार्रवाई की थी। जांच एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 6 हजार करोड़ रुपए के शराब घोटाले पर आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के रायपुर, बिलासपुर स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी। जिसमें टीम ने भाटिया डिस्टलरी, वेलकम डिस्टलरी, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा, पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड, IAS निरंजन दास और कारोबारी अनवर ढेबर के 12 से ज्यादा ठिकानों पर दबिश दी थी।

              अनिल टुटेजा व बेटा यश पर एफआईआर
              शराब और कोयला घोटाला मामले में ED ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों समेत 100 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कराई है। इनमें कांग्रेस सरकार में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक यूडी मिंज, गुलाब कमरो, शिशुपाल के साथ ही 2 निलंबित IAS, रिटायर्ड IAS अफसर और कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल समेत अन्य के नेताओं के नाम शामिल है, जिसमें पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा व उनके बेटे यश टूटेजा को भी आरोपी बनाया गया है। इस कार्रवाई के खिलाफ उन्होंने अपने एडवोकेट के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।


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